India और South Korea ने अपने CEPA को अपग्रेड करने का समझौता किया है ताकि अधिक संतुलित आर्थिक साझेदारी बनाई जा सके, यह बात Commerce Minister Piyush Goyal ने 20 अप्रैल 2026 को कही।
मुख्य विकास
- Prime Minister Narendra Modi और South Korean President Lee Jae Myung ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की और कई MoU पर हस्ताक्षर की घोषणा की, जिसमें CEPA अपग्रेड भी शामिल है।
- यह अपग्रेड South Korea के साथ लगातार बने रहने वाले trade deficit को कम करने का लक्ष्य रखता है, जिससे भारतीय सेवाओं के लिए बाजार पहुंच का विस्तार और चयनित वस्तुओं पर टैरिफ बाधाओं को घटाया जा सके।
- दोनों सरकारों ने ज़ोर दिया कि सुदृढ़ CEPA निर्यात विविधीकरण, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और निवेश प्रवाह को बढ़ावा देगा, जिससे वस्तु व्यापार पर सीमित ध्यान से आगे बढ़ा जा सके।
महत्वपूर्ण तथ्य
वर्तमान CEPA, जो 2015 में हस्ताक्षरित हुआ था, पहले ही द्विपक्षीय व्यापार वस्तुओं के 90% से अधिक पर शुल्क समाप्त कर चुका है। 2026 का अपग्रेड अपेक्षित है कि:
- फार्मास्यूटिकल्स, नवीकरणीय ऊर्जा और डिजिटल सेवाओं जैसे नए सेक्टरों को पेश किया जाएगा।
- टैरिफ चोरी को रोकने के लिए मूल नियमों को सुदृढ़ किया जाएगा।
- कस्टम प्रक्रियाओं को सुगम और विवाद समाधान तंत्र को आसान बनाया जाएगा।
UPSC प्रासंगिकता
इस विकास को समझना GS‑III (Economy) और GS‑II (Polity) अभ्यर्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह दर्शाता है कि India द्विपक्षीय व्यापार समझौतों का उपयोग कैसे करता है:
- घरेलू उद्योगों की सुरक्षा के साथ trade deficit जैसी संरचनात्मक असंतुलन को दूर करना।
- कूटनीतिक चैनलों (MoU के माध्यम से) का उपयोग करके रणनीतिक आर्थिक साझेदारियों को सुरक्षित करना।
- Commerce Minister की भूमिका को प्रदर्शित करना, जो व्यापार शर्तों पर बातचीत करते हैं जो सरकार के व्यापक आर्थिक एजेंडा के साथ संरेखित हों।
ऐसे समझौते India की “Act East” नीति को भी प्रतिबिंबित करते हैं, जो व्यापार को इंडो‑पैसिफिक क्षेत्र में भू-राजनीतिक विचारों से जोड़ते हैं।
