India‑UK CETA लागू हुआ
15 जुलाई 2026 को, India‑UK CETA और Agreement on Social Security कार्यान्वित हुए। यह कदम Indo‑British आर्थिक संबंधों में एक ऐतिहासिक चरण को चिह्नित करता है।
मुख्य विकास
- यूके में लगभग 99 % भारतीय निर्यात वस्तुओं के लिए शून्य‑शुल्क बाजार पहुँच।
- पहले निर्यात भेजे गए, जिनका मूल्य USD 140 million से अधिक है, 20 से अधिक भारतीय बंदरगाहों, हवाई अड्डों, ICDs, SEZs और कारखानों से Day 1 पर भेजे गए।
- Self‑certified Certificates of Origin eCoO 2.0 प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से जारी किए गए।
- पैक्ट पर हस्ताक्षर से पहले 800 से अधिक तकनीकी सत्र और 14 वार्ता राउंड पूरे किए गए।
- दोनों सरकारों ने सभी लंबित मुद्दों को सहमत समयसीमा के भीतर सुलझा दिया, जिससे तुरंत व्यापार सुविधा संभव हुई।
महत्वपूर्ण तथ्य
समझौता वस्तुओं और सेवाओं दोनों को कवर करता है। जबकि वस्तुओं को लगभग पूर्ण टैरिफ उन्मूलन मिलता है, सेवाएँ—जो भारत के GDP का 50 % से अधिक हिस्सा हैं—पूर्वानुमेय बाजार पहुँच प्राप्त करती हैं, जिससे IT, वित्त, शिक्षा और पेशेवर सेवाओं जैसे क्षेत्रों को लाभ मिलता है। Preferential Tariff Regime पहले दिन 50 से अधिक निर्यात भेजे जाने पर लागू होता है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स और रत्न एवं आभूषण शामिल हैं।
यूके में अस्थायी असाइनमेंट पर रहने वाले भारतीय कर्मचारियों के लिए, Agreement on Social Security दोहरी योगदान को पाँच वर्षों तक हटा देता है, जिससे गतिशीलता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सुधार होता है।
UPSC प्रासंगिकता
इस समझौते को समझना GS 3 (Economy) के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत की व्यापार‑नीति रणनीति, ... का उपयोग दर्शाता है।