राष्ट्रवाद, निर्मित परम्पराएँ और साहित्यिक बहसें: Iran‑Israel संघर्ष से भारतीय उपन्यासों तक के अंतर्दृष्टि — UPSC Current Affairs | March 15, 2026
राष्ट्रवाद, निर्मित परम्पराएँ और साहित्यिक बहसें: Iran‑Israel संघर्ष से भारतीय उपन्यासों तक के अंतर्दृष्टि
Iran‑Israel युद्ध ने <span class="key-term" data-definition="Nationalism — an ideological force that seeks to align a people’s identity with a sovereign state, central to GS1: History and GS2: Polity">nationalism</span> और पहचान पर चर्चा को फिर से जगा दिया है, जिससे विद्वानों को <span class="key-term" data-definition="Invented tradition — a set of practices deliberately created in recent times but presented as ancient to foster continuity and collective identity (GS1: History)">invented tradition</span> जैसी अवधारणाओं की पुनः समीक्षा करने के लिए प्रेरित किया गया है। भारतीय साहित्यिक कृतियों—Tagore से Hyder तक—यह दर्शाती हैं कि उपन्यास कैसे राष्ट्रीय कथाओं की आलोचना और पुनः निर्माण करते हैं, जो UPSC उत्तर लेखन के लिए मूल्यवान सामग्री प्रदान करती हैं।
West Asia में चल रहा युद्ध ने nationalism और पहचान पर बहसों को पुनर्जीवित किया है, जबकि विभिन्न विषयों के विद्वान यह जांचते रहते हैं कि परम्पराएँ कैसे राजनीतिक उद्देश्यों की सेवा में निर्मित की जाती हैं। मुख्य विकास Iran ने Israel और United States के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए तीन शर्तें निर्धारित की हैं, जो क्षेत्रीय भू-राजनीति में पहचान राजनीति की भूमिका को उजागर करती हैं। विशेषज्ञों ने anti‑US भावना में वृद्धि और “भाईचारा” वाले अरब संबंधों पर नया जोर नोट किया है, जो दर्शाता है कि साझा कथाएँ विदेश नीति को कैसे आकार देती हैं। अकादमिक जैसे Ernest Gellner , Benedict Anderson और Partha Chatterjee ने राष्ट्रीयता पर चर्चा को गहरा किया है। भारतीय साहित्यिक व्यक्तियों— Tagore से Qurratulain Hyder तक—ने राष्ट्रीय पहचान पर प्रश्न उठाने और पुनः कल्पना करने के लिए उपन्यास का उपयोग किया है। महत्वपूर्ण अवधारणाएँ invented tradition की अवधारणा यह समझाती है कि राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान या व्यक्तित्व (Marianne, Uncle Sam) जैसे प्रतीक हालिया उत्पत्ति के बावजूद शाश्वत क्यों दिखते हैं। यह प्रक्रिया, Eric Hobsbawm द्वारा उजागर की गई, सामूहिक स्मृति को सुदृढ़ करती है और राज्य शक्ति को वैध बनाती है। भारतीय संदर्भ में, Two‑Nation Theory विभाजन का उत्प्रेरक बना, जिससे Hyder जैसे लेखकों ने मिश्रित संस्कृति के नुकसान पर शोक व्यक्त किया। UPSC प्रासंगिकता Und