भारत ने नागोया प्रोटोकॉल अनुपालन प्रमाणपत्र (IRCCs) जारी करने में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बना – 56% हिस्सेदारी — UPSC Current Affairs | March 31, 2026
भारत ने नागोया प्रोटोकॉल अनुपालन प्रमाणपत्र (IRCCs) जारी करने में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बना – 56% हिस्सेदारी
भारत ने नागोया प्रोटोकॉल के तहत 3,561 अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त अनुपालन प्रमाणपत्र जारी किए हैं, जो वैश्विक कुल का 56% से अधिक दर्शाते हैं, जो जैव विविधता अधिनियम, 2002 के मजबूत कार्यान्वयन को रेखांकित करता है। यह नेतृत्व वैश्विक जैव विविधता शासन में भारत की भूमिका और UPSC अभ्यर्थियों के लिए लाभ‑साझा तंत्र के महत्व को उजागर करता है।
अवलोकन भारत ने नागोया प्रोटोकॉल ऑन एक्सेस एंड बेनिफिट‑शेयरिंग (ABS) के तहत IRCCs जारी करने में विश्व नेता के रूप में उभर कर सामने आया है। 3,561 प्रमाणपत्रों के साथ, भारत विश्व स्तर पर जारी 6,311 IRCCs में से 56 % से अधिक का प्रतिनिधित्व करता है। मुख्य विकास प्रमुख हिस्सेदारी: भारत ने 3,561 IRCCs जारी किए, जो अगले सबसे अधिक संख्या वाले देश, फ्रांस (964) से बहुत आगे है। सीमित वैश्विक भागीदारी: ABS Clearing‑House पर मौजूद 142 देशों में से केवल 34 ने कोई IRCCs जारी किए हैं। भारत के बाद क्षेत्रीय नेता: स्पेन (320), अर्जेंटीना (257), पनामा (156) और केन्या (144)। संस्थागत ढांचा: कार्यान्वयन Biological Diversity Act, 2002 के माध्यम से National Biodiversity Authority, State Biodiversity Boards, और Biodiversity Management Committees द्वारा संचालित है। महत्वपूर्ण तथ्य IRCCs यह प्रमाणित करते हैं कि Prior Informed Consent और Mutually Agreed Terms प्राप्त किए जा चुके हैं। प्रमाणपत्र ABS Clearing‑House पर अपलोड किए जाते हैं, जिससे अनुसंधान से व्यावसायिक उपयोग तक ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित होती है। भारत की सुव्यवस्थित प्रक्रियाओं ने प्रसंस्करण समय को कम किया है और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुपालन को बढ़ाया है। UPSC प्रासंगिकता