अवलोकन
IADT‑02 को सफलतापूर्वक 10 April 2026 को Satish Dhawan Space Centre, श्रीहरिकोटा में किया गया। यह परीक्षण Gaganyaan कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य 2027 में पहली मानव उड़ान है।
मुख्य विकास
- एक सिम्युलेटेड Crew Module जिसका वजन 5.7 tonnes है, उसे Indian Air Force के Chinook हेलीकॉप्टर द्वारा लगभग 3 km की ऊँचाई तक उठाया गया और समुद्र के ऊपर छोड़ दिया गया।
- अवरोहण के दौरान, चार प्रकार के 10 पैराशूट को पूर्व‑निर्धारित क्रम में तैनात किया गया, जिससे मॉड्यूल की गति धीरे‑धीरे घटती गई।
- मॉड्यूल को Indian Navy द्वारा ISRO के समन्वय में पुनः प्राप्त किया गया, जिससे parachute‑based deceleration system की विश्वसनीयता की पुष्टि हुई।
- इस परीक्षण ने ISRO, DRDO, Indian Navy और Indian Air Force के बीच सहज सहयोग को प्रदर्शित किया।
महत्वपूर्ण तथ्य
- तारीख: 10 April 2026
- स्थान: Satish Dhawan Space Centre, श्रीहरिकोटा
- परीक्षण उद्देश्य: क्रू मॉड्यूल के लिए पैराशूट‑आधारित मंदीकरण और पुनर्प्राप्ति तंत्र को सत्यापित करना, t
