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केंद्र ने Karambir Singh Nalwa को Pahalgam आतंक हमला परीक्षण के लिए विशेष सार्वजनिक अभियोजक नियुक्त किया

केंद्र ने Karambir Singh Nalwa को Pahalgam आतंक हमला परीक्षण के लिए विशेष सार्वजनिक अभियोजक नियुक्त किया
यूनियन सरकार ने वरिष्ठ वकील Karambir Singh Nalwa को विशेष सार्वजनिक अभियोजक नियुक्त किया है ताकि 2025 Pahalgam आतंक हमला, जिसमें 25 पर्यटक और एक स्थानीय पोनी ऑपरेटर की मृत्यु हुई, के परीक्षण का नेतृत्व किया जा सके। इस नियुक्ति की घोषणा हमले की पहली वर्षगांठ पर की गई, जो तेज़ न्याय के प्रति केंद्र की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है और कानूनी संस्थानों, आंतरिक सुरक्षा और संघीय जिम्मेदारी जैसे प्रमुख UPSC विषयों को उजागर करती है।
Overview 23 April 2026 को, Centre ने उल्लेखित वकील Karambir Singh Nalwa को Special Public Prosecutor के रूप में नियुक्त किया ताकि Pahalgam आतंक हमला मामले के परीक्षण का नेतृत्व किया जा सके। यह नियुक्ति हमले की पहली वर्षगांठ के साथ मेल खाती है, जो तेज़ न्याय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। Key Developments केस के लिए Karambir Singh Nalwa को Special Public Prosecutor के रूप में नियुक्ति। नियुक्ति के तुरंत बाद परीक्षण शुरू होगा, जिसका लक्ष्य पारदर्शी और तेज़ प्रक्रिया होना है। हमले की पहली वर्षगांठ (22 April 2025) पर घोषणा की गई, जो प्रतीकात्मक समय को उजागर करती है। Important Facts हमले की तिथि: 22 April 2025 । हानी: 25 पर्यटक और एक स्थानीय पोनी ऑपरेटर की मृत्यु हुई। स्थान: Pahalgam , जम्मू & कश्मीर में एक लोकप्रिय हिल‑स्टेशन। केस मौजूदा आतंकवाद विरोधी क़ानूनों के तहत संभाला जा रहा है, जिसमें Special Public Prosecutor अभियोजन की देखरेख कर रहे हैं। UPSC Relevance यह विकास कई UPSC‑संबंधित विषयों को छूता है: Legal Framework: Special Public Prosecutor की भूमिका दर्शाती है कि भारत आतंकवाद परीक्षणों के लिए कानूनी विशेषज्ञता को कैसे जुटाता है, जो न्यायपालिका और विधि‑निर्माण पर GS2 विषयों से जुड़ा है। Internal Security: Pahalgam आतंक हमला हिमालयी क्षेत्र में आतंकवाद की चुनौतियों को उजागर करता है, जो GS2 (सुरक्षा) और GS4 (राज्य प्रतिक्रिया की नैतिकता) से संबंधित है। Centre’s Role: नियुक्ति दर्शाती है
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Quick Reference

Key Insight

केंद्र ने वरिष्ठ वकील को विशेष अभियोजक के रूप में नियुक्त किया ताकि Pahalgam आतंक परीक्षण को तेज़ किया जा सके, क़ानून के शासन को सुदृढ़ किया जाए।

Key Facts

  1. 23 April 2026: केंद्र ने वरिष्ठ वकील Karambir Singh Nalwa को Pahalgam आतंक हमला परीक्षण के लिए Special Public Prosecutor के रूप में नियुक्त किया।
  2. Pahalgam आतंक हमला 22 April 2025 को हुआ, जिसमें 25 पर्यटक और एक स्थानीय पोनी ऑपरेटर की मृत्यु हुई।
  3. यह हमला Pahalgam में हुआ, जो जम्मू & कश्मीर में एक हिल‑स्टेशन है।
  4. केस Unlawful Activities (Prevention) Act, 1967 और संबंधित आतंकवाद विरोधी क़ानूनों के तहत अभियोजित किया जा रहा है।
  5. Special Public Prosecutors को Union Government द्वारा जटिल या उच्च‑प्रोफ़ाइल मामलों, विशेषकर आतंकवाद परीक्षणों को संभालने के लिए नियुक्त किया जाता है।
  6. नियुक्ति के तुरंत बाद परीक्षण शुरू होने की योजना है, जिसमें पारदर्शिता और तेज़ न्याय पर जोर दिया गया है।

Background

यह नियुक्ति केंद्र की संवैधानिक जिम्मेदारी को रेखांकित करती है कि वह कानून और व्यवस्था सुनिश्चित करे और आतंकवाद अभियोजन के लिए विशेष कानूनी विशेषज्ञता को जुटाए। यह भारत के काउंटर‑टेररिज्म ढांचे में न्यायपालिका, कार्यकारी और सुरक्षा एजेंसियों के बीच GS2 (Polity) और GS4 (Ethics) के अंतर्गत अंतःक्रिया को दर्शाता है।

Mains Angle

GS2 – आतंकवाद परीक्षणों में Special Public Prosecutors की भूमिका और प्रभावशीलता पर चर्चा करें और कैसे वे क़ानून के शासन और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करते हैं।

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Full Article

Overview

23 April 2026 को, Centre ने उल्लेखित वकील Karambir Singh Nalwa को Special Public Prosecutor के रूप में नियुक्त किया ताकि Pahalgam आतंक हमला मामले के परीक्षण का नेतृत्व किया जा सके। यह नियुक्ति हमले की पहली वर्षगांठ के साथ मेल खाती है, जो तेज़ न्याय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

Key Developments

  • केस के लिए Karambir Singh Nalwa को Special Public Prosecutor के रूप में नियुक्ति।
  • नियुक्ति के तुरंत बाद परीक्षण शुरू होगा, जिसका लक्ष्य पारदर्शी और तेज़ प्रक्रिया होना है।
  • हमले की पहली वर्षगांठ (22 April 2025) पर घोषणा की गई, जो प्रतीकात्मक समय को उजागर करती है।

Important Facts

  • हमले की तिथि: 22 April 2025।
  • हानी: 25 पर्यटक और एक स्थानीय पोनी ऑपरेटर की मृत्यु हुई।
  • स्थान: Pahalgam, जम्मू & कश्मीर में एक लोकप्रिय हिल‑स्टेशन।
  • केस मौजूदा आतंकवाद विरोधी क़ानूनों के तहत संभाला जा रहा है, जिसमें Special Public Prosecutor अभियोजन की देखरेख कर रहे हैं।

Exam Relevance

यह विकास कई UPSC‑संबंधित विषयों को छूता है:

  • Legal Framework: Special Public Prosecutor की भूमिका दर्शाती है कि भारत आतंकवाद परीक्षणों के लिए कानूनी विशेषज्ञता को कैसे जुटाता है, जो न्यायपालिका और विधि‑निर्माण पर GS2 विषयों से जुड़ा है।
  • Internal Security: Pahalgam आतंक हमला हिमालयी क्षेत्र में आतंकवाद की चुनौतियों को उजागर करता है, जो GS2 (सुरक्षा) और GS4 (राज्य प्रतिक्रिया की नैतिकता) से संबंधित है।
  • Centre’s Role: नियुक्ति दर्शाती है
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केंद्र ने वरिष्ठ वकील को विशेष अभियोजक के रूप में नियुक्त किया ताकि Pahalgam आतंक परीक्षण को तेज़ किया जा सके, क़ानून के शासन को सुदृढ़ किया जाए।

Key Facts

  1. 23 April 2026: केंद्र ने वरिष्ठ वकील Karambir Singh Nalwa को Pahalgam आतंक हमला परीक्षण के लिए Special Public Prosecutor के रूप में नियुक्त किया।
  2. Pahalgam आतंक हमला 22 April 2025 को हुआ, जिसमें 25 पर्यटक और एक स्थानीय पोनी ऑपरेटर की मृत्यु हुई।
  3. यह हमला Pahalgam में हुआ, जो जम्मू & कश्मीर में एक हिल‑स्टेशन है।
  4. केस Unlawful Activities (Prevention) Act, 1967 और संबंधित आतंकवाद विरोधी क़ानूनों के तहत अभियोजित किया जा रहा है।
  5. Special Public Prosecutors को Union Government द्वारा जटिल या उच्च‑प्रोफ़ाइल मामलों, विशेषकर आतंकवाद परीक्षणों को संभालने के लिए नियुक्त किया जाता है।
  6. नियुक्ति के तुरंत बाद परीक्षण शुरू होने की योजना है, जिसमें पारदर्शिता और तेज़ न्याय पर जोर दिया गया है।

Background & Context

यह नियुक्ति केंद्र की संवैधानिक जिम्मेदारी को रेखांकित करती है कि वह कानून और व्यवस्था सुनिश्चित करे और आतंकवाद अभियोजन के लिए विशेष कानूनी विशेषज्ञता को जुटाए। यह भारत के काउंटर‑टेररिज्म ढांचे में न्यायपालिका, कार्यकारी और सुरक्षा एजेंसियों के बीच GS2 (Polity) और GS4 (Ethics) के अंतर्गत अंतःक्रिया को दर्शाता है।

Mains Answer Angle

GS2 – आतंकवाद परीक्षणों में Special Public Prosecutors की भूमिका और प्रभावशीलता पर चर्चा करें और कैसे वे क़ानून के शासन और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करते हैं।

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