The Prevention of Money Laundering Act (PMLA) भारत में एक प्रमुख एंटी‑मनी‑लॉन्डरिंग क़ानून है। 17 जून 2026 को, Karnataka High Court ने यह कहा कि Gameskraft Technologies Private Limited (GTPL) के तीन निदेशकों की गिरफ्तारी अवैध थी और उनकी रिहाई का आदेश दिया। अदालत का निर्णय Sections 19 और 50 के तहत Enforcement Directorate (ED) की प्रक्रियात्मक चूकों पर आधारित था।
Key Developments
- Justice M. Nagaprasanna ने कहा कि ED ने Section 19 का पालन नहीं किया क्योंकि गिरफ्तारी "re‑packaged" सामग्री पर आधारित थी, न कि नई साक्ष्य पर।
- अदालत ने नोट किया कि 22 जनवरी 2026 को स्टे के बाद, ED ने 23 फरवरी 2026 को नया ECIR दायर किया, लेकिन पहले के स्टे किए गए ECIR जैसी ही आरोपों पर निर्भर रहा।
- 23 फरवरी से 7 मई 2026 के बीच Section 50 के तहत कोई समन जारी नहीं किया गया, जिससे प्रक्रियात्मक सुरक्षा का उल्लंघन हुआ।
- अदालत ने ज़ोर दिया कि पुरानी सामग्री पर स्वतंत्रता को सीमित नहीं किया जा सकता; नई गिरफ्तारी के लिए नई आपराधिक तथ्य आवश्यक हैं।
- रिहाई का आदेश देते हुए, अदालत ने ED की वैधानिक शक्ति को बरकरार रखा, ताकि आवश्यक होने पर भविष्य में समन जारी किया जा सके।
Important Facts
- गिरफ़्तार किए गए निदेशक: Vikas Taneja, Deepak Singh, Prithviraj Singh।
- गिरफ़्तारी की तिथि: 7 मई 2026 (Gurgaon); रिहाई आदेश 17 जून 2026 को संप्रेषित किया गया।
- GTPL कौशल‑आधारित ऑनलाइन गेम जैसे रियल‑मनी रम्मी चलाता है; इसके पास देशभर में 10 lakh उपयोगकर्ता हैं।
- पहले, ED ने नवंबर 2025 में तलाशी ली थी लेकिन गिरफ्तारी के लिए पर्याप्त सामग्री नहीं मिली।
- High Court ने 22 जनवरी 2026 को ED की जांच को स्टे किया, जब प्रेडिकेट अपराध FIR के लिए क्लोज़र रिपोर्ट दायर की गई थी।
- Sub