अवलोकन
The Ladakh ने अभी पाँच नए districts – Nubra, Changthang, Sham, Zanskar और Drass – प्राप्त किए हैं। Union Ministry of Home Affairs का तर्क है कि districts के माध्यम से प्रशासनिक विकेंद्रीकरण पर्याप्त है, और स्थानीय legislature या Sixth Schedule सुरक्षा की मांग को खारिज करता है। आलोचक कहते हैं कि यह उपनिवेशकालीन तर्क को दोहराता है और लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करता है।
मुख्य विकास
- Government of India लद्दाख में पाँच अतिरिक्त districts प्रस्तावित करता है।
- Home Ministry कम जनसंख्या, रणनीतिक संवेदनशीलता और वित्तीय निर्भरता को legislature के विरोध में कारण बताती है।
- राजनीतिक दलों ने 2019 में Article 370 के निरसन के बाद Sixth Schedule सुरक्षा का वादा किया था।
- Changthang के Pang क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना ~13 GW क्षमता का लक्ष्य रखती है, जिसमें ₹50,000 crore का निवेश और अनुमानित वार्षिक राजस्व ₹7,000 crore है।
महत्वपूर्ण तथ्य
Ladakh लगभग 59,000 sq km के कठिन भूभाग को कवर करता है। इसकी जनसंख्या कम है, और क्षेत्र भारी रूप से Centre‑funded योजनाओं पर निर्भर करता है। प्रस्तावित districts स्थानीय प्रशासन को सुधारेंगे लेकिन भूमि उपयोग, सांस्कृतिक अधिकारों या पर्यावरणीय संरक्षण पर विधायी कार्य नहीं कर सकते। तुलना उत्तरपूर्वी राज्यों जैसे Arunachal Pradesh, Nagaland, Mizoram और Sikkim से की जाती है, जिन्होंने समान जनसांख्यिकीय और वित्तीय प्रतिबंधों के बावजूद राज्यत्व प्राप्त किया।
The Finance Commission इसीलिए मौजूद है क्योंकि कई राज्य केंद्रीय हस्तांतरणों पर निर्भर करते हैं। यहाँ तक कि समृद्ध राज्य जैसे Uttar Pradesh भी महत्वपूर्ण Centre हस्तांतरण प्राप्त करते हैं।