समीक्षा
Lok Sabha Secretariat ने 25 August 2026 को बीस Trinamool Congress (TMC) सांसदों को नोटिस जारी किए, जिन्होंने NCPI में शामिल हो गए। ये नोटिस anti‑defection law के तहत TMC नेता Abhishek Banerjee द्वारा दायर अयोग्यता याचिकाओं के जवाब माँगते हैं। यह मामला अब Supreme Court bench के समक्ष है, जिसने तेज‑गति में याचिका सुनने के लिए सहमति जताई है ताकि शीघ्र निर्णय हो सके।
मुख्य विकास
- 25 August 2026 की तिथि वाले नोटिस बीस बागी सांसदों को भेजे गए, जिन्हें जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया गया।
- 18 June 2026 को मूल रूप से दायर याचिकाएँ 1985 के Members of Lok Sabha (Disqualification on Ground of Defection) Rules की Rule 6 को लागू करती हैं।
- Supreme Court ने सांसदों को नोटिस जारी करते समय Speaker of Lok Sabha और secretary‑general को सम्मन देने से इनकार कर दिया, क्योंकि Solicitor General Tushar Mehta ने उनका प्रतिनिधित्व किया था।
- सुनवाई के दौरान, Court ने कार्यवाही को उचित समय सीमा के भीतर समाप्त करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
- MP Mahua Moitra ने X पर नोटिस पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने एक कवर‑अप का आरोप लगाया।
महत्वपूर्ण तथ्य
- बागी समूह को Parliament में NCPI group के रूप में माना गया है और वह NDA‑नेतृत्व वाली संसद गतिविधियों में भाग ले रहा है।
- TMC का तर्क है कि सांसद, जो उसके sy पर चुने गए हैं।