Lok Sabha द्वारा Joint Parliamentary Committee (JPC) को तीन बिलों की जांच करने का कार्य सौंपा गया है, जो गंभीर आरोपों पर 30 लगातार दिनों की गिरफ्तारी के बाद Prime Minister, Chief Ministers या Ministers को अयोग्य घोषित करने का प्रस्ताव रखते हैं, और इसे विस्तारित समय सीमा दी गई है।
मुख्य विकास
- Lok Sabha ने 27 March 2026 को JPC को अपना रिपोर्ट 2026 के Monsoon Session के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक प्रस्तुत करने की अनुमति दी।
- समिति का अध्यक्षता BJP नेता Aparajita Sarangi कर रहे हैं।
- समीक्षा में तीन बिल हैं:
- The Constitution (One Hundred and Thirtieth Amendment) Bill, 2025
- The Jammu and Kashmir Reorganisation (Amendment) Bill, 2025
- The Government of Union Territories (Amendment) Bill, 2025
- बिलों को Home Minister Amit Shah ने 20 August 2025 को पेश किया और उसके बाद JPC को भेजा गया।
महत्वपूर्ण तथ्य
• प्रस्तावित हटाने की प्रक्रिया गंभीर आरोपों पर 30 लगातार दिनों की गिरफ्तारी के बाद लागू होती है, जो प्रक्रिया अधिकारों और जवाबदेही के बीच संतुलन बनाने का लक्ष्य रखती है।
• यह संशोधन उच्चतम कार्यकारी पदों के कार्यकाल को आपराधिक अभियोजन से सीधे जोड़ने वाला पहला संवैधानिक परिवर्तन होगा।
• JPC की रिपोर्ट Monsoon Session के अंतिम सप्ताह से पहले अपेक्षित है, जो सामान्यतः जुलाई 2026 के तीसरे सप्ताह में शुरू होती है।
UPSC प्रासंगिकता
इन बिलों को समझना UPSC aspirants के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
