Lok Adalat & Legislative Amendments केस पेंडेंसी को कम करने का लक्ष्य – Ministry of Law and Justice Update (Mar 2026) — UPSC Current Affairs | March 12, 2026
Lok Adalat & Legislative Amendments केस पेंडेंसी को कम करने का लक्ष्य – Ministry of Law and Justice Update (Mar 2026)
Ministry of Law and Justice ने, Minister of State Shri Arjun Ram Meghwal के माध्यम से, केस पेंडेंसी को कम करने के लिए Lok Adalat और संबंधित विधायी संशोधनों (Negotiable Instruments, Commercial Courts, Specific Relief, Arbitration & Conciliation, Criminal Laws) की भूमिका को उजागर किया, साथ ही तकनीकी‑आधारित पहलों जैसे e‑Courts Mission Mode Project और संविधान के Article 21 के तहत बुनियादी ढांचा समर्थन पर बल दिया।
Lok Adalat – एक अवलोकन और हालिया सरकारी पहल Lok Adalat एक महत्वपूर्ण उपकरण है जो सामान्य नागरिक को शीघ्र न्याय प्रदान करता है। Legal Services Authorities (LSA) Act, 1987 के तहत, Lok Adalat द्वारा दिए गए पुरस्कार बाध्यकारी होते हैं और उनका अपील नहीं किया जा सकता। मुख्य विकास (Mar 2026) पाँच प्रमुख विधियों में संशोधन — Negotiable Instruments (Amendment) Act, 2018, Commercial Courts (Amendment) Act, 2018, Specific Relief (Amendment) Act, 2018, Arbitration and Conciliation (Amendment) Act, 2019, और Criminal Laws (Amendment) Act, 2018, जिसका उद्देश्य पेंडेंसी को कम करना है। National Lok Adalat कार्यक्रम पूर्व निर्धारित तिथि पर आयोजित होते रहे हैं, 2016 से हजारों मामलों का निपटारा किया गया है (Dec 2025 तक का नवीनतम डेटा)। e‑Courts Mission Mode Project का कार्यान्वयन अधिक पहुँच और पारदर्शिता के लिए किया गया है। जिला और अधीनस्थ न्यायालयों को अपग्रेड करने के लिए न्यायपालिका के बुनियादी ढांचा सुविधाओं के विकास के लिए केन्द्रित प्रायोजित योजना के तहत केंद्रीय वित्तपोषण। महत्वपूर्ण तथ्य Lok Adalat के पुरस्कारों को नागरिक आदेश माना जाता है और वे अंतिम होते हैं।