सारांश
अगस्त 2026 में, भारत की LPG खपत में अगस्त 2025 की तुलना में 16.2% गिरावट आई। उसी समय, मोटर ईंधन की मांग बढ़ी: पेट्रोल में 7.9% और डीज़ल में 6.5% की वृद्धि हुई। यह परिवर्तन PNG कनेक्शन में तेज़ वृद्धि से जुड़ा है, जबकि कृषि और औद्योगिक आवश्यकताओं ने डीज़ल उपयोग को बढ़ाया।
मुख्य विकास
- LPG खपत अगस्त 2026 में 2.424 million metric tonnes (MMT) तक गिर गई।
- PNG कनेक्शन अप्रैल‑जून 2026 के बीच 36% बढ़े, 4.61 lakh कनेक्शन तक पहुँचे।
- डीज़ल खपत 7 MMT पार कर गई, जो डीज़ल जनरेटर और सिंचाई उपकरण द्वारा प्रेरित थी।
- पेट्रोल उपयोग लगभग 3.83 MMT तक बढ़ा क्योंकि मॉनसन के नीचे‑सामान्य होने के बाद गतिशीलता में सुधार हुआ।
महत्वपूर्ण तथ्य
LPG मांग में गिरावट बोतल गैस की निरंतर आपूर्ति‑उपलब्धता समस्याओं को दर्शाती है। ICRA के वरिष्ठ उपाध्यक्ष Prashant Vashisht ने कहा कि कई औद्योगिक उपयोगकर्ता PNG की ओर स्विच कर रहे हैं क्योंकि यह अधिक विश्वसनीय आपूर्ति प्रदान करता है। PNGRB के डेटा 36% की वृद्धि की पुष्टि करते हैं, जो घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों में मजबूत वृद्धि से प्रेरित है।
डिज़ल मांग में वृद्धि हुई क्योंकि किसानों को अनियमित वर्षा का सामना करना पड़ा – भारत ने 2001 के बाद से सातवें सबसे कम अगस्त वर्षा दर्ज की। मॉनसन के पानी की कमी ने डीज़ल‑चलित सिंचाई पंप और जनरेटर पर अधिक निर्भरता बढ़ा दी। कुछ उद्योगों ने भी अपने पूर्व‑निर्धारित प्राकृतिक‑गैस कोटा समाप्त होने के बाद डीज़ल की ओर रुख किया।