Overview
The Madras High Court on 10 April 2026 ने दो रिट पेटिशन खारिज किए जो फिल्म “Dhurandhar 2: The Revenge” की स्क्रीनिंग को तमिलनाडु में राज्य विधानसभा चुनावों के समापन तक रोकने की मांग करती थीं। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि यह फिल्म Model Code of Conduct का उल्लंघन करती है और यह सत्ताधारी पार्टी द्वारा चुनावी प्रचार के बराबर है।
Key Developments
- बेंच, जिसमें Chief Justice S.A. Dharmadhikari और Justice G. Arul Murugan शामिल हैं, ने कहा कि MCC के लागू होने के दौरान कोई भी कानून फिल्म की प्रदर्शनी को रोकता नहीं है।
- अदालत ने देखा कि याचिकाकर्ताओं ने CBFC द्वारा जारी प्रमाणपत्र को चुनौती नहीं दी थी, इसलिए वह कोई प्रतिबंधात्मक आदेश जारी नहीं कर सकती।
- याचिकाकर्ताओं ने MCC के अध्याय VII की धारा 4 का हवाला दिया, जो सार्वजनिक निधियों और आधिकारिक जनमाध्यमों के पार्टिसन प्रचार के उपयोग को प्रतिबंधित करती है, यह आरोप लगाते हुए कि फिल्म ने आतंकवाद विरोधी और धन शोधन विरोधी क्षेत्रों में BJP की उपलब्धियों को महिमामंडित किया है।
- एक अलग वकील ने दावा किया कि फिल्म ने साम्प्रदायिक तनाव और युद्ध‑समान भावना को भड़काया, लेकिन अदालत ने CBFC की चुनौती के बिना कार्रवाई के लिए कोई कानूनी आधार नहीं पाया।
- अदालत ने याचिकाओं को खारिज कर दिया और बाद में विस्तृत निर्णय जारी करने का आदेश दिया।
Important Facts
• केस शीर्षक: D Rakesh v. Chief Election Commissioner & Others.
• उद्धरण: 2026 LiveLaw (Mad) 156.
• रिट पेटिशन संख्या: WP 14335 of 2026.
• याचिकाकर्ता: अनाम व्यक्तियों और उन वकीलों का प्रतिनिधित्व जो चुनाव की निष्पक्षता को लेकर चिंतित हैं।
• प्रतिवादी: फिल्म के निर्माता Adithya Dhar, Lokesh Dhar और निर्माता Jyoti Deshpande.
Exam Relevance
निर्णय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और चुनावी अखंडता के बीच संवैधानिक संतुलन को उजागर करता है, जो GS2: Polity — भारतीय राजनीति, शासन और संवैधानिक कानून को कवर करने वाले पेपर में अक्सर पूछे जाने वाले विषयों में से एक है (प्रश्नों के लिए प्रासंगिक ...