Overview
Mahendragiri को Indian Navy को 1 May 2026 को सौंपा गया। यह Nilgiri‑class (Project 17A) का छठा जहाज़ है, एक कार्यक्रम जो पुराने प्लेटफ़ॉर्म को अत्याधुनिक युद्धपोतों से बदलने का लक्ष्य रखता है।
Key Developments
- डिलीवरी Mazagon Dock Shipbuilders Limited (MDSL) में 30 April 2026 को हुई।
- फ्रिगेट में स्टेल्थ फ्रिगेट हुल फ़ॉर्म, उन्नत weapon system और आधुनिक sensor suite शामिल हैं।
- कमीशनिंग Navy की ब्लू‑वॉटर क्षमता को सुदृढ़ करती है, जिससे Indian Ocean Region (IOR) में एक साथ संचालन संभव हो पाता है।
- हैंड‑ओवर India की रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता (Atmanirbhar Bharat) की पहल को रेखांकित करता है।
Important Facts
प्रत्येक Nilgiri‑class फ्रिगेट लगभग 6,700 टन का विस्थापन करता है, लगभग 124 मीटर लंबा है और 30 नॉट्स से अधिक गति प्राप्त कर सकता है। इस क्लास में surface‑to‑air मिसाइलों, anti‑ship मिसाइलों, टॉरपीडो और 76 mm नौसैनिक तोप के लिए vertical launch systems लगे हैं। देशी sensors में EL/M-2248 MF‑STAR radar और उन्नत sonar suites शामिल हैं, जो anti‑submarine warfare (ASW) क्षमताओं को बढ़ाते हैं।
अब छह जहाज़ संचालन में हैं, यह क्लास ageing Talwar‑class फ्रिगेट को बदल देगा, जिससे फ़्लीट के सतही कॉम्बैटेंट घटक का आधुनिकीकरण होगा।
Exam Relevance
डिलीवरी UPSC सिलेबस में अक्सर आने वाले कई विषयों को दर्शाती है: (i) defence indigenisation और MDSL जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों की भूमिका रणनीतिक स्वायत्तता प्राप्त करने में।