भारतीय नौसेना ने अपनी छठी Mahendragiri को 30 April 2026 पर MDSL पर प्राप्त किया, जो राष्ट्र की Aatmanirbharta पहल में युद्धपोत डिजाइन और निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम दर्शाता है।
मुख्य विकास
- लीड शिप के 17 महीने बाद छठी Project 17A पोत डिलीवर किया गया।
- 75% स्वदेशी सामग्री हासिल की गई, जिसमें 200 MSMEs शामिल हैं।
- लगभग 4,000 प्रत्यक्ष और 10,000 अप्रत्यक्ष नौकरियों का रोजगार सृजन।
- उन्नत प्रोपल्शन CODOG का उपयोग करके और एक अत्याधुनिक IPMS के साथ।
महत्वपूर्ण तथ्य
- शिपयार्ड: Mazagon Dock Shipbuilders Limited (MDSL), मुंबई।
- डिज़ाइन प्राधिकरण: Warship Design Bureau (WDB), वारशिप ओवरसीइंग टीम (मुंबई) द्वारा देखरेख।
- हथियार एवं सेंसर सूट: एकीकृत एंटी‑सर्फेस, एंटी‑एयर और एंटी‑सबमरीन युद्ध प्रणाली, जो पहले के Shivalik‑class से श्रेष्ठ है।
- निर्माण समयरेखा: पहली P‑17A (Nilgiri) के 20 December 2024 पर कमीशन होने के 17 महीने बाद डिलीवर किया गया।
UPSC प्रासंगिकता
डिलीवरी भारत की आत्मनिर्भरता को उजागर करती है।