अवलोकन
The Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) ने 8 October 2026 को एक advisory जारी की, जिसमें social‑media platforms से "manipulated or out‑of‑context" material को रोकने को कहा गया। यह कदम पहले किए गए IT Rules, 2021 में amendments पर आधारित है। यह advisory CJP द्वारा योजना बनाये गए protest से ठीक पहले जारी हुई और Telugu film stars को शामिल करने वाले वायरल deep‑fake वीडियो के बाद आई है।
मुख्य विकास
- Platforms को "enhanced diligence" का प्रयोग करके झूठी, भ्रामक या संदर्भ से बाहर की पोस्ट को पहचानने और हटाने चाहिए।
- पुरानी फ़ोटोग्राफ़ या वीडियो जो वर्तमान घटनाओं के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं, उनके लिए विशेष ध्यान आवश्यक है।
- अधिकृत सरकारी एजेंसियों की शिकायतों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
- 2021 संशोधन के तहत गैर‑अनुपालन समयसीमा को 1‑3 घंटे तक घटाया गया है।
महत्वपूर्ण तथ्य
- यह advisory चेतावनी देती है कि हेरफेर किया गया कंटेंट सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित कर सकता है, भय उत्पन्न कर सकता है, और सामाजिक शांति को प्रभावित कर सकता है।
- Section 69(A) of the IT Act के तहत, मंत्रालयों को takedown notices IT Ministry को भेजने की अनुमति है।
- अधिकांश takedowns वर्तमान में Section 79(3)(b) के तहत किए जाते हैं, जो हटाने का बाध्य नहीं करता लेकिन प्लेटफ़ॉर्म अक्सर स्वचालित रूप से अनुपालन करते हैं।
- Meta के Instagram और Facebook को ऐसे notices के बाद तेज़ हटाने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा है।
- यह protest Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar के इस्तीफ़े की मांग करता है।
UPSC प्रासंगिकता
डिजिटल मीडिया के विकसित होते नियामक ढांचे को समझना GS2 (Polity) और GS4 (Ethics & Technology) के लिए आवश्यक है। यह advisory दर्शाती है कि सरकार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सार्वजनिक व्यवस्था के बीच कैसे संतुलन बनाती है, जो नैतिकता और शासन प्रश्नों में बार‑बार आता है। विशिष्ट कानूनी प्रावधानों का ज्ञान...