सारांश
Menaka Guruswamy, Rajya Sabha MP और Supreme Court वकील, ने “Indian Constitution and Its Protection” पर S. Jaipal Reddy Memorial Foundation लेक्चर दिया। उन्होंने हालिया paper leaks और कमजोर नौकरी बाजार को 1947 में Jawaharlian Nehru द्वारा किए गए सामाजिक अनुबंध के क्षरण से जोड़ा। लेक्चर में विवादास्पद Delimitation Amendment Bill, 2026 पर भी चर्चा की गई।
मुख्य विकास
- व्यापक paper leaks ने दिल्ली, झारखंड और बिहार में विरोध प्रदर्शनों को तीव्र किया है।
- NEET, जो National Eligibility cum Entrance Test है, को निम्न‑मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए जीवनरेखा माना जाता है, लेकिन बढ़ती कोचिंग लागत और परीक्षा असुरक्षा उनके आकांक्षाओं को खतरे में डालती है।
- नौकरी बाजार अभी भी कमजोर है, जिससे यह वादा कमजोर पड़ता है कि शिक्षा सुरक्षित रोजगार की ओर ले जाती है।
- Delimitation Amendment Bill, 2026 प्रस्तावित करता है कि लोकसभा सीटें 550 से बढ़ाकर 850 की जाएँ, जिससे सरकार को जनगणना आधार चुनने का विवेक मिलता है।
- यदि पारित हो जाता है, तो उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों को अधिकतम 120 सीटें मिल सकती हैं, जबकि तेलंगाना जैसे दक्षिणी राज्यों को केवल 26 सीटें मिलेंगी, जिससे राजनीतिक शक्ति उत्तर की ओर झुक सकती है।
महत्वपूर्ण तथ्य
• Rajya Sabha सदस्य Menaka Guruswamy ने Nehru के 1947 के “education for all” वादे के उल्लंघन को उजागर किया।
• Demographic divi