Overview
Ministry of Home Affairs (MHA) ने भारत के साइबर‑क्राइम इकोसिस्टम पर एक व्यापक अपडेट जारी किया। यह समर्पित साइबर‑क्राइम पुलिस स्टेशनों के वितरण, I4C के कार्यप्रणाली, और NCRB द्वारा संकलित नवीनतम अपराध आँकड़ों को कवर करता है। यह ब्रीफ़िंग साइबर धोखाधड़ी को रोकने और जांच क्षमताओं को बढ़ाने के लिए लॉन्च किए गए कई डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और क्षमता‑निर्माण पहलों को भी रेखांकित करती है।
Key Developments (2021‑2026)
- S4C की कई राज्यों में स्थापना, I4C के साथ सहज सूचना विनिमय के लिए।
- NCRP का लॉन्च, राज्य पुलिस के साथ एकीकृत, FIR रूपांतरण के लिए।
- 2021 में CFCFRMS का परिचय; जनवरी 2026 तक 24.65 लाख शिकायतों में >₹8,690 करोड़ की बचत।
- I4C में साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर (CFMC) का निर्माण, जो बैंकों, भुगतान एग्रीगेटर्स, टेलीकॉम और कानून‑प्रवर्तन एजेंसियों को एक साथ लाता है।
- जनवरी 2026 तक समन्वित कार्रवाई के माध्यम से >12.94 लाख सिम कार्ड और 3.03 लाख IMEI ब्लॉक किए गए।
- API एकीकरण: (a) बैंकों ↔ CFCFRMS वास्तविक‑समय लियन मार्किंग के लिए; (b) संचार साथी ↔ NCRP संदिग्ध नंबरों पर त्वरित टेलीकॉम कार्रवाई के लिए।
- दिल्ली और असम में नेशनल‑डिजिटल इवेस्टिगेशन सपोर्ट सेंटर (पहले NCFL(I)) का संचालन, 13,417 साइबर‑क्राइम मामलों में सहायता।
- CyTrain पोर्टल का रोल‑आउट; >1.5 लाख अधिकारियों को प्रशिक्षित, 1.42 लाख प्रमाणपत्र जारी।
- सितंबर 2024 में बैंकों के साथ एक सस्पेक्ट रजिस्ट्री का लॉन्च, >23 लाख संदिग्ध पहचानकर्ता साझा किए और ₹9,518.91 करोड़ मूल्य के लेन‑देनों को रोका।
- सात संयुक्त साइबर कोऑर्डिनेशन टीमों (JCCTs) का गठन, जो ...
