Union Minister Dr Jitendra Singh ने बताया कि Modi सरकार की बारह‑साल की अवधि ने भारत के दृष्टिकोण को पुनः आकार दिया है। उन्होंने कहा कि space economy में बदलाव और तेज़ वृद्धि startup ecosystem एक नई आकांक्षी संस्कृति को दर्शाती है।
Key Developments
- India के स्पेस स्टार्टअप की संख्या एक अंकों से बढ़कर लगभग 400 हो गई, जिसमें एक कंपनी ने यूनिकॉर्न स्थिति हासिल की।
- Space Economy, जिसकी आज की मूल्यांकन ~$9 billion है, अगले 7‑8 वर्षों में $45 billion तक पहुँचने की संभावना है।
- कुल मिलाकर Startup Ecosystem 2014 में लगभग 350‑400 firms से बढ़कर आज 2.3 lakh से अधिक हो गया, जिससे 24‑25 lakh jobs पैदा हुईं। लगभग आधे स्टार्टअप Tier‑II/III शहरों में संचालित होते हैं और 35‑39 % महिलाओं द्वारा संचालित हैं।
- Governance सुधार जैसे gazetted‑officer attestation को हटाना (self‑attestation) और merit‑based recruitment ने सार्वजनिक विश्वास बढ़ाया है।
- विज्ञान में सार्वजनिक सहभागिता बढ़ी, जैसा कि हालिया स्पेस लॉन्च में लगभग 1,500 media personnel और 10,000 spectators की उपस्थिति से स्पष्ट है।
Important Facts
मंत्री ने जोर दिया कि आकांक्षी उछाल छोटे शहरों से सिविल‑सर्विस टॉपर्स के उदय में स्पष्ट दिखता है, जो दर्शाता है कि प्रौद्योगिकी और पारदर्शी प्रक्रियाओं ने अवसर को लोकतांत्रिक बना दिया है। उन्होंने राष्ट्रीय गर्व को Chandrayaan मिशनों से जोड़ा, यह बताते हुए कि हालिया Moon‑south‑pole लैंडिंग ने व्यापक रुचि उत्पन्न की और जल‑अणु के प्रमाण जैसी खोजों को उजागर किया।
स्पेस और नाभिकीय इकोसिस्टम के कुछ हिस्सों जैसे रणनीतिक सेक्टरों को निजी भागीदारी के लिए खोला गया है, जिससे दशकों की बंद‑दरवाज़ा संचालन समाप्त हुई। Viksit Bharat — gov जैसी पहलों...