Key Insight
सांख्यिकीय बेस इयर को 2022‑23 में अपग्रेड किया गया, नीति और परीक्षाओं के लिए डेटा विश्वसनीयता में वृद्धि
Key Facts
- February 2026 में MoSPI ने base year 2022‑23 के साथ नई GDP श्रृंखला जारी की, डबल‑डिफ्लेटर दृष्टिकोण का उपयोग करते हुए।
- उसी महीने MoSPI ने base year 2024 के साथ CPI श्रृंखला पेश की, बास्केट का विस्तार किया और वेटेज को पुनः निर्धारित किया।
- June 2026 की शुरुआत में IIP को base year 2022‑23 में अपडेट किया गया, जिससे औद्योगिक उत्पादन माप में सुधार हुआ।
- Commerce Ministry ने WPI को नवीनीकृत किया और Producer Price Index (PPI) लॉन्च किया, जो 2031 तक WPI को प्रतिस्थापित करने के लिए निर्धारित है।
- GDP, CPI, IIP और WPI के पहले के बेस इयर 2011‑12 थे, जिससे डेटा धीरे‑धीरे पुराना हो रहा था।
- अपग्रेड से भारत की राष्ट्रीय खातों की IMF ग्रेडिंग वर्तमान ‘C’ रेटिंग से ऊपर उठाने की उम्मीद है।
- अधिक सटीक GDP, CPI और IIP डेटा RBI के ब्याज‑दर निर्णय और राजकोषीय योजना में मदद करेंगे।
Background
भारत की सांख्यिकीय श्रृंखलाएँ 2011‑12 बेस इयर पर आधारित थीं, जिससे अन्य अर्थव्यवस्थाओं के साथ तुलना सीमित थी। बेस इयर को अपडेट करने और अंतरराष्ट्रीय कार्यविधियों को अपनाने से डेटा वैश्विक मानकों के साथ संरेखित होता है, जो आर्थिक योजना और नीति विश्लेषण में GS‑3 के तहत एक प्रमुख चिंता है।
UPSC Syllabus
- GS3 — Indian Economy - Planning, mobilization of resources, growth, development and employment
- Essay — Economy, Development and Inequality
Mains Angle
GS‑3 उम्मीदवार 2026 के सांख्यिकीय अपग्रेड के नीति निर्माण पर प्रभाव को संबोधित कर सकते हैं, बेहतर डेटा विश्वसनीयता, IMF ग्रेडिंग और बेहतर मौद्रिक‑नीति निर्णयों का उल्लेख करते हुए।