पिछले दो वर्षों में, भारत की आंतरिक सुरक्षा प्रणाली ने CPI (Maoist) आंदोलन को निर्णायक झटके दिए हैं। इसके पूर्व जनरल सेक्रेटरी की हत्या और उनके उत्तराधिकारी के आत्मसमर्पण ने पाँच दशकों पुराने विद्रोह के भविष्य को लेकर प्रश्न उठाए हैं, जिसे Amit Shah लगातार ज़ोर देकर कहते हैं।
मुख्य विकास (May 2025 – Feb 2026)
- 21 May 2025: Nambala Keshava Rao को Abujmarh क्षेत्र में एक मुठभेड़ में मार दिया गया। ऑपरेशन District Reserve Guard और CRPF के CoBRA यूनिट द्वारा नेतृत्व किया गया।
- By February 2026: Thippiri Tirupati ने आत्मसमर्पण किया, हथियार और कई कर्मियों को सौंपते हुए।
- सेंट्रल कमेटी के अधिकांश सदस्य मार दिए गए या गिरफ्तार हुए हैं, जिससे संगठन मुख्यतः नेता रहित रह गया है।
महत्वपूर्ण तथ्य
वरिष्ठ नेतृत्व को समाप्त करने से कमांड‑एंड‑कंट्रोल संरचनाएँ बाधित हुई हैं, लेकिन आंदोलन का जमीनी नेटवर्क दूरस्थ जिलों में सक्रिय बना हुआ है। आत्मसमर्पण के दौरान जब्त किए गए हथियार भंडार ने परिचालन क्षमता में कमी दर्शाई है, फिर भी हाशिए पर रहने वाले जनजातीय समुदायों में वैचारिक आकर्षण बना हुआ है।
UPSC प्रासंगिकता
माओवादी विद्रोह को समझना कई GS पेपरों के लिए आवश्यक है:
- GS1 (History): 1967 के Naxalbari उठान में नक्सलवादी आंदोलन की जड़ें और उसका विकास।
- GS2 (Polity & International Relations): आंतरिक सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका, केंद्र‑राज्य समन्वय, और उग्रवादी संगठनों को प्रतिबंधित करने के लिए कानूनी ढांचा।
- GS3 (Economy & Development): विद्रोह का ग्रामीण विकास, खनन और निवेश पर प्रभाव।
