भारत में प्रमुख अंतरिक्ष विकास – सितंबर 2026
सितंबर 2026 की शुरुआत में, भारत ने अपने अंतरिक्ष क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घटनाओं को देखा। NASA ने औपचारिक रूप से ISRO को Artemis Accords के तहत चंद्र आउटपोस्ट योजना में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उसी समय, ISRO ने GSLV‑F17 लॉन्च की तैयारी की, जबकि निजी कंपनियों ने रॉकेट‑इंजन प्रौद्योगिकी और लॉन्च‑साइट प्रबंधन में breakthroughs की घोषणा की।
मुख्य विकास
- चंद्र बेस निमंत्रण: बेंगलुरु में आयोजित 9वें India‑U.S. Civil Space Joint Working Group में, NASA ने ISRO को Artemis Accords के तहत चंद्र के दक्षिणी ध्रुव पर स्थित एक चंद्र आउटपोस्ट में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।
- GSLV‑F17 लॉन्च: 04 September 2026, 03:00 IST को निर्धारित, यह मिशन EOS‑05, भारत का पहला इमेजिंग सैटेलाइट जो जियोसिंक्रोनस कक्षा में होगा, को GSLV‑F17 पर स्थापित करेगा। यह वर्ष की शुरुआत में PSLV‑C62 विफलता के बाद ISRO का पहला लॉन्च होगा।
- सॉलिड‑बूस्टर अपग्रेड: Small Satellite Launch Vehicle (SSLV) के लिए सुधारित SS1 सॉलिड बूस्टर का ग्राउंड स्थैतिक परीक्षण पूरा हो गया, जो लो‑अर्थ कक्षा में अतिरिक्त ~100 kg पेलोड प्रदान करने का वादा करता है।
- प्राइवेट‑सेक्टर इंजन माइलस्टोन: