समीक्षा
बार-बार पेपर लीक और तकनीकी गड़बड़ियों ने भारत की शिक्षा प्रणाली को हिला दिया है। NEET‑UG पेपर लीक पर राष्ट्रीय स्तर पर उठे विरोध के बाद, केंद्र सरकार ने परीक्षाओं को लीक‑प्रूफ और तकनीक‑आधारित बनाने के लिए एक हाई‑पावर टास्क फोर्स स्थापित किया।
मुख्य विकास
- टास्क फोर्स का गठन Nandan Nilekani के नेतृत्व में।
- सदस्यों में पूर्व ISRO चेयरमन S Somnath, पूर्व IB निदेशक Tapan Deka, IIT Madras निदेशक V Kamakoti, पूर्व Education Secretary Anita Karwal और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ Amrit Lal Meena शामिल हैं।
- परीक्षा संचालन, डिजाइन, शासन और तकनीक के उपयोग पर सार्वजनिक और विशेषज्ञ सुझाव 13 September 2026 तक आमंत्रित किए गए हैं।
- केन्द्रित क्षेत्र: परीक्षा में धांधली की रोकथाम, पता लगाना और समाधान, तथा सुरक्षित कंप्यूटर‑आधारित परीक्षण को बढ़ावा देना।
- The Hindu 7 September 2026 को “How can the Nilekani task force succeed?” शीर्षक वाला वेबिनार आयोजित करेगा, जिसमें विशेषज्ञ Balaji Sampath, Rajeev Kumar और Venkatraman Umakanth भाग लेंगे।
महत्वपूर्ण तथ्य
समिति की संरचना तकनीक, सुरक्षा और शिक्षा विशेषज्ञता को मिलाती है, जो परीक्षा सुधारों की बहु‑आयामी प्रकृति को दर्शाती है। यह नीति (शासन, जवाबदेही) और संचालनात्मक पहलुओं (इन्फ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म) दोनों पर इनपुट चाहती है। जनता आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपने विचार प्रस्तुत कर सकती है, जिससे भागीदारीपूर्ण नीति निर्माण सुनिश्चित होता है। आगामी वेबिनार पैनल के साथ सीधे संवाद का मंच प्रदान करता है, और सर्वश्रेष्ठ प्रश्नों को The Hindu की मुफ्त सदस्यता के साथ पुरस्कृत किया जाएगा।
UPSC प्रासंगिकता
परीक्षा की सत्यनिष्ठा GS 3 (शिक्षा एवं विकास) और GS 2 (राजनीति) में एक आवर्ती विषय है। उच्च‑स्तरीय टास्क फोर्स की संरचना को समझना ...