समीक्षा
2026 के शुरुआती अप्रैल में, Pakistan ने पिछले वर्ष हस्ताक्षरित एक गोपनीय परस्पर रक्षा संधि के तहत Saudi Arabia में एक बड़ी युद्ध‑तैयार सेना तैनात की। इस तैनाती में लगभग 8,000 सैनिक, JF‑17 लड़ाकू विमानों की पूरी स्क्वाड्रन, और एक चीनी निर्मित HQ‑9 वायु‑रक्षा प्रणाली शामिल है।
मुख्य विकास
- 8,000 सैनिकों की तैनाती, साथ ही आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बल भेजने का वादा।
- JF‑17 लड़ाकू विमानों की पूरी स्क्वाड्रन (~16 aircraft) का हस्तांतरण, साथ ही दो स्क्वाड्रन ड्रोन।
- Pakistani कर्मियों द्वारा संचालित और Saudi Arabia द्वारा वित्त पोषित HQ‑9 वायु‑रक्षा प्रणाली की स्थापना।
- संधि के तहत Saudi Arabia में अधिकतम 80,000 Pakistani सैनिकों की तैनाती की संभावना, तथा Pakistani युद्धपोतों की संभावित तैनाती।
- चल रहे Iran‑Saudi संघर्ष में मुख्य मध्यस्थ के रूप में Pakistan की भूमिका, जिसने U.S.–Iran शांति वार्ताओं की मेजबानी की है।
महत्वपूर्ण तथ्य
- सभी उपकरण Pakistani दलों द्वारा संचालित हैं; वित्त पोषण Saudi Arabia द्वारा प्रदान किया जाता है।
- सैनिक मुख्यतः सलाहकार और प्रशिक्षण कर्तव्यों पर हैं, लेकिन युद्ध विमानों और वायु‑रक्षा संपत्तियों की उपस्थिति एक प्रतीकात्मक मिशन से युद्ध‑तैयार मिशन की ओर बदलाव को दर्शाती है।
- दोनों सरकारों ने तैनाती पर कोई टिप्पणी नहीं की है; रक्षा समझौते की पूरी शर्तें वर्गीकृत बनी हुई हैं।
- रक्षा मंत्री Khawaja Muhammad Asif ने पहले संकेत दिया था कि यह व्यवस्था Pakistan की nuclear umbrella को Saudi Arabia तक विस्तारित करती है।