Union Petroleum Ministry minister Hardeep Singh Puri ने चेतावनी दी कि तेल‑मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के बढ़ते नुकसान जल्द ही सरकार को मूल्य दबाव को घरेलू उपभोक्ताओं पर स्थानांतरित करने के लिए मजबूर कर सकते हैं।
Key Developments
- At the Confederation of Indian Industries (CII) Annual Business Summit 2026, the minister said “OMCs कितनी देर तक इस नुकसान और अंडर‑रिकवरी को सहन कर पाएँगे, यह बात मुझे चिंतित करती है।”
- उन्होंने चेतावनी दी कि “नुकसान का एक चौथाई पिछले वित्तीय वर्ष में प्राप्त शुद्ध लाभ को मिटा सकता है,” और इस तिमाही में अंडर‑रिकवरी ₹2 lakh crore तक और कुल नुकसान लगभग ₹1 lakh crore है।
- मंत्री ने आश्वासन दिया कि “आपूर्ति प्रबंधन पक्ष में कोई समस्या नहीं, कहीं भी कमी नहीं,” कच्चे तेल के साठ दिनों, LNG के साठ दिनों और LPG के पैंतालीस दिनों के भंडार का उल्लेख किया।
- घरेलू LPG उत्पादन को औसत 35,000‑36,000 metric tonnes per day से बढ़ाकर 54 000 metric tonnes per day किया गया है।
Important Facts
OMCs की वित्तीय दबाव सरकार की नीति से उत्पन्न होता है, जिसमें वैश्विक मूल्य अस्थिरता के बावजूद retail fuels कीमतों को स्थिर रखा जाता है।
₹2 lakh crore की अंडर‑रिकवरी एक विशाल वित्तीय बोझ दर्शाती है, जो सेक्टर की लाभप्रदता को कम कर सकती है और कर राजस्व को प्रभावित कर सकती है।
India के रणनीतिक भंडार – कच्चे तेल और LNG के साठ दिनों, और LPG के पैंतालीस दिनों – अल्पकालिक आपूर्ति झटकों के खिलाफ एक बफ़र प्रदान करते हैं, यह बिंदु मंत्री ने अपने Rajya Sabha के संबोधन में उजागर किया।