Prime Minister Narendra Modi ने Nari Shakti Vandan Sammelan में New Delhi में 13 April 2026 को संबोधित किया, यह घोषणा करते हुए कि Women’s Reservation Act इस सप्ताह संशोधित किया जाएगा ताकि इसका कार्यान्वयन 2029 तक संभव हो सके। यह बयान आगामी तीन‑दिन के सत्र के लिए स्वर निर्धारित करता है जिसमें Parliament में women’s quota law में संशोधन प्रस्तुत किया जाएगा।
मुख्य विकास
- वर्तमान संसद सत्र में Women’s Reservation Act में संशोधन पेश किया जाएगा।
- लक्षित कार्यान्वयन समयसीमा 2029 के लिए निर्धारित की गई है, जो सरकार के व्यापक लिंग‑समानता एजेंडा के साथ संरेखित है।
- Prime Minister के बयानों ने इस संशोधन को “नई इतिहास रचना” के रूप में प्रस्तुत किया, जो राजनीतिक प्राथमिकता को दर्शाता है।
- आरक्षण की सीमा (सीटों का प्रतिशत) और प्रवर्तन तंत्र पर अपेक्षित बहस।
महत्वपूर्ण तथ्य
मूल Women’s Reservation Act, जो 2023 में पारित हुआ, ने Lok Sabha और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण निर्धारित किया, लेकिन इसमें ठोस कार्यान्वयन शेड्यूल नहीं था। आगामी संशोधन प्रक्रियात्मक कदम, समयसीमा, और अनुपालन निगरानी तंत्र को निर्दिष्ट करके इस अंतर को पाटने का प्रयास करता है। यह संशोधन तीन‑दिन के संसद सत्र के दौरान अन्य लिंग‑केन्द्रित विधेयकों के साथ चर्चा किया जाएगा।
UPSC प्रासंगिकता
संशोधन को समझना GS2 (Polity) के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह संवैधानिक संशोधनों, विधायी प्रक्रियाओं, और आरक्षण नीतियों से संबंधित है। यह GS1 (Society & Culture) के लिंग समानता और महिलाओं के सशक्तिकरण के विषयों तथा GS4 (Ethics) के समावेशी शासन के विचारों को भी छूता है। अभ्यर्थियों को कार्यकारी की एजेंडा‑सेटिंग भूमिका, विधेयक पारित करने की संसद प्रक्रिया, और नीति इरादे व कार्यान्वयन चुनौतियों के बीच अंतःक्रिया पर ध्यान देना चाहिए।
आगे का रास्ता
Stakeholders, including pol
