समीक्षा
Monday, 18 May 2026 को, Prime Minister Narendra Modi ने यह ज़ोर दिया कि West Asia संकट और Ukraine संघर्ष में स्थायी शांति केवल संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही हासिल की जा सकती है, न कि केवल सैन्य साधनों से। यह टिप्पणी Norwegian Prime Minister Jonas Gahr Store के साथ विस्तृत बातचीत के बाद आई, जिसका उद्देश्य India और Norway के बीच द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करना था।
मुख्य विकास
- Modi का दो प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संकटों के कूटनीतिक समाधान का आह्वान।
- Norway के prime minister के साथ उच्च‑स्तरीय बातचीत व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग पर केंद्रित थी।
- 19 May 2026 को निर्धारित Nordic-India summit की तैयारी।
- 2025 में Pahalgam आतंकवादी हमलों और उसके बाद के चार‑दिन के India‑Pakistan संघर्ष के कारण summit को स्थगित किया गया था।
महत्वपूर्ण तथ्य
आगामी summit में पाँच Nordic देशों—Norway, Sweden, Finland, Iceland और Denmark—के नेता भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ एकत्रित होंगे। एजेंडा में नवीकरणीय ऊर्जा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, और प्रौद्योगिकी साझेदारियों को शामिल किया जाएगा। 2025 summit की रद्दीकरण ने दिखाया कि क्षेत्रीय सुरक्षा घटनाएँ कूटनीतिक सहभागिताओं को कैसे बाधित कर सकती हैं।
UPSC प्रासंगिकता
Modi के रुख को समझना GS2 (Polity) के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत की बहुपक्षीय संघर्ष समाधान की दृष्टिकोण और वैश्विक शांति‑निर्माण में उसकी भूमिका को दर्शाता है। West Asia संकट और Ukraine संघर्ष...