Overview
Union Law Ministry ने 30 March 2026 को एक राजपत्र अधिसूचना जारी की, जिसमें पुष्टि हुई कि President Droupadi Murmu ने Transgender Persons (Protection of Rights) Amendment Bill 2026 को अपनी मंजूरी दे दी है। यह बिल 24 March को Lok Sabha और 25 March 2026 को Rajya Sabha से पारित हो चुका था।
Key Developments
- संशोधन “transgender persons” को पुनः परिभाषित करके विशिष्ट सामाजिक‑सांस्कृतिक पहचान (kinner, hijra, aravani, jogta, eunuch), इंटरसेक्स विविधताएँ, और प्राथमिक यौन विशेषताओं में जन्मजात विविधताएँ शामिल करता है।
- यह स्पष्ट रूप से उन व्यक्तियों को बाहर रखता है जिनकी लिंग पहचान सर्जिकल या हार्मोनल प्रक्रियाओं के माध्यम से दबाव के कारण बनी है, और विभिन्न यौन अभिविन्यास वाले व्यक्तियों को भी बाहर करता है।
- विरोधी दलों ने सम्मान और संवैधानिक अधिकारों के संभावित उल्लंघन को लेकर सेलेक्ट कमिटी को संदर्भित करने की मांग की।
- Union Social Justice and Empowerment Minister Virendra Kumar ने इस बिल का बचाव किया, यह कहते हुए कि यह केवल उन लोगों को लक्षित करता है जो जैविक कारकों के कारण गंभीर सामाजिक बहिष्कार का सामना कर रहे हैं।
- लगभग 140 वकीलों और नारीवादी, All‑India Feminist Alliance (ALIFA) और National Alliance for Justice, Accountability and Rights (NAJAR) के नेतृत्व में, ने President को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने संविधानिक उल्लंघन और प्रक्रिया संबंधी त्रुटियों का हवाला देते हुए मंजूरी को रोकने का आग्रह किया।
Important Facts
2019 Act ने एक transgender person को परिभाषित किया था a
