समीक्षा
Balance of Payments (BoP) डेटा जो RBI ने जारी किया है, दर्शाता है कि Current Account Deficit (CAD) अप्रैल‑दिसंबर 2025 में $30.1 billion (1 % of GDP) तक गिर गया, जो पिछले वर्ष के $36.6 billion (1.3 % of GDP) से कम है। यह मध्यमता बेहतर व्यापार गतिशीलता और एक मजबूत विदेशी मुद्रा बफ़र के संयोजन को दर्शाती है।
मुख्य विकास (अप्रैल‑दिसंबर 2025)
- CAD $30.1 bn तक संकुचित हुआ, जो वार्षिक 16.5 % कमी को दर्शाता है।
- विदेशी मुद्रा भंडार $709.75 bn तक बढ़ा (≈12 months of import cover), जो वैश्विक 8‑10 months की आराम सीमा से काफी ऊपर है।
- पूंजी बहिर्वाह (FDI/FII) ने रुपया पर दबाव डालना जारी रखा, जबकि Current Account बाहरी वित्तपोषण का मुख्य स्रोत बना रहा।
- 2000 के बाद भारत ने केवल चार वित्तीय वर्षों में Current Account अधिशेष दर्ज किया; 2025 में घाटा प्रवृत्ति जारी रही।
BoP के महत्वपूर्ण घटक
BoP दो प्रमुख खातों से मिलकर बनता है:
- Current Account: इसमें Balance of Trade (वस्तुएँ) और Invisibles (सेवाएँ, प्रेषण, आय) शामिल हैं। भारत लगातार सेवाओं में अधिशेष रखता है, लेकिन व्यापार घाटा समग्र Current Account को लाल में रखता है।
- Capital Account: विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) और विदेशी संस्थागत निवेश (FII) को दर्ज करता है। हालिया रुपया अवमूल्यन अधिकतर Capital Account के बहिर्वाह से जुड़ा है, न कि CAD से।
ऐतिहासिक दृष्टिकोण: 1991 BoP संकट
1991 BoP crisis तीव्र तेल‑कीमत वृद्धि और बड़े पैमाने पर पूँजी पलायन से उत्पन्न हुआ, जिससे भंडार केवल 2‑3 सप्ताह की आयात को कवर करने तक घट गया। इस संकट ने Rao‑Singh सरकार को अर्थव्यवस्था को उदारीकृत करने के लिए मजबूर किया: अधिकांश लाइसेंसों का उन्मूलन, Current Account पर रुपया परिवर्तनीयता, और FDI के लिए खुलापन। आज का $709.75 bn भंडार बफ़र इन सुधारों की प्रत्यक्ष विरासत है।