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यूनियन कैबिनेट ने Rs 37,500 cr कोयला गैसिफिकेशन योजना को मंजूरी दी – सिंगैस उत्पादन और ऊर्जा सुरक्षा में वृद्धि

13 May 2026 को यूनियन कैबिनेट ने Rs 37,500 crore की कोयला गैसिफिकेशन योजना को मंजूरी दी, जिससे 25 सतही परियोजनाओं को फंडिंग मिलेगी, जिसका लक्ष्य 75 million टन कोयला/लिग्नाइट को गैसिफाई करना और 2030 तक 100 million‑टन लक्ष्य की ओर बढ़ना है। यह योजना अधिकतम 20 % वित्तीय समर्थन प्रदान करती है, पहले के Rs 8,500 crore के Viability Gap Funding को पूरक है, और आयातित LNG, यूरिया, अमोनिया और मेथनॉल पर निर्भरता को कम करने में मदद करती है, जिससे यह UPSC परीक्षा के GS‑3 (Economy) के लिए एक प्रमुख विषय बन जाता है।
यूनियन कैबिनेट ने प्रमुख कोयला गैसिफिकेशन योजना को मंजूरी दी यूनियन कैबिनेट ने 13 May 2026 को एक नई कोयला गैसिफिकेशन योजना को Rs 37,500 crore के खर्च के साथ मंजूरी दी। यह योजना 25 सतही गैसिफिकेशन परियोजनाओं को समर्थन देने और लगभग 75 million टन कोयला/लिग्नाइट को गैसिफाई करने का लक्ष्य रखती है, जिससे भारत 2030 तक अपने 100 million टन लक्ष्य के करीब पहुँच रहा है। मुख्य विकास प्लांट‑एंड‑मशीनरी लागत के अधिकतम 20 % तक का वित्तीय प्रोत्साहन, चार समान किस्तों में भुगतान किया जाएगा। यह योजना 2024 में मंजूर किए गए VGF कार्यक्रम Rs 8,500 crore में जोड़ती है, लेकिन विशेष रूप से सतही परियोजनाओं पर केंद्रित है। आयातित LNG, यूरिया, अमोनिया और मेथनॉल को कम करने के लिए घरेलू सिंगैस प्रदान करके आयात में कमी का लक्ष्य रखती है। जिंदल स्टील के 1.80 mtpa प्लांट (अंगुल, ओडिशा) और कोल इंडिया लिमिटेड तथा निजी खिलाड़ियों की आगामी परियोजनाओं जैसे मौजूदा परियोजनाओं को समर्थन देती है। कोयला गैसिफिकेशन पर महत्वपूर्ण तथ्य कोयला गैसिफिकेशन दो तरीकों से किया जा सकता है: सतही गैसिफिकेशन – कोयला पहले निकाला जाता है, फिर ऊपर‑भूमि रिएक्टर में प्रक्रिया की जाती है। अंडरग्राउंड कोयला गैसिफिकेशन (UCG) – कोयला जमीन के नीचे ही गैस में बदलता है। परिणामी सिंगैस को आगे सिंथेटिक नेचुरल गैस, मेथनॉल, डाइमेथाइल ईथर, उर्वरकों के लिए अमोनिया और अन्य पेट्रो‑केमिकल फीडस्टॉक्स में परिवर्तित किया जा सकता है। UPSC प्रासंगिकता ऊर्जा सुरक्षा, आयात प्रतिस्थापन और सार्वजनिक‑निजी भागीदारी मॉडल पर GS‑3 (Economy) प्रश्नों के लिए इस योजना को समझना अत्यंत आवश्यक है। यह GS‑1 (Geography) से भी जुड़ी है।
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Quick Reference

Key Insight

कैबिनेट की Rs 37,500 cr कोयला गैसिफिकेशन योजना ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करती है और ईंधन आयात को घटाती है

Key Facts

  1. यूनियन कैबिनेट ने 13 May 2026 को कोयला गैसिफिकेशन योजना को Rs 37,500 crore के बजट के साथ मंजूरी दी।
  2. यह योजना 25 सतही गैसिफिकेशन परियोजनाओं को फंड करेगी, जिससे लगभग 75 million टन कोयला/लिग्नाइट गैसिफाई होगा।
  3. वित्तीय प्रोत्साहन: प्लांट‑एंड‑मशीनरी लागत के अधिकतम 20 % तक, चार समान किस्तों में जारी किया जाएगा।
  4. यह 2024 के Viability Gap Funding (VGF) Rs 8,500 crore पर आधारित है, लेकिन केवल सतही परियोजनाओं पर केंद्रित है।
  5. भारत का लक्ष्य 2030 तक 100 million टन कोयला/लिग्नाइट गैसिफाई करना है, जिससे LNG, यूरिया, अमोनिया और मेथनॉल के आयात में कमी आएगी।
  6. भारत के कोयला भंडार कुल ~389 billion टन (212 billion टन प्रमाणित) हैं, जो विश्व में चौथे स्थान पर हैं।
  7. कोयला‑आधारित पावर प्लांट गर्मी के चरम महीनों में 70 % से अधिक बिजली आपूर्ति करते हैं।

Background

कोयला गैसिफिकेशन ठोस कोयले को सिंगैस में बदलता है, जो एक स्वच्छ‑ईंधन फीडस्टॉक है, जिससे भारत आयातित ईंधनों पर निर्भरता कम कर सकता है और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत कर सकता है। यह योजना GS‑3 के औद्योगिक नीति, ऊर्जा बुनियादी ढांचा और आयात प्रतिस्थापन विषयों के साथ संरेखित है, साथ ही GS‑1 के घरेलू कोयला भंडार के भूगोल से भी जुड़ी है।

UPSC Syllabus

  • Essay — International Relations and Geopolitics
  • Prelims_GS — Social and Economic Geography of India
  • GS1 — Distribution of Key Natural Resources
  • GS3 — Infrastructure - Energy, Ports, Roads, Airports, Railways
  • GS2 — Functions and responsibilities of Union and States
  • GS2 — Constitutional posts, bodies and their powers and functions
  • Prelims_GS — National Current Affairs

Mains Angle

एक मुख्य उत्तर में चर्चा करें कि कोयला गैसिफिकेशन योजना कैसे ऊर्जा सुरक्षा, आयात प्रतिस्थापन और सार्वजनिक‑निजी भागीदारी को आगे बढ़ाती है, इसे GS‑3 (Economy) और GS‑1 (Geography) से जोड़ते हुए। एक संभावित प्रश्न यह हो सकता है कि सतत विकास के लिए स्वच्छ‑कोयला प्रौद्योगिकियों को रणनीति के रूप में मूल्यांकन करें।

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Overview

Full Article

यूनियन कैबिनेट ने प्रमुख कोयला गैसिफिकेशन योजना को मंजूरी दी

यूनियन कैबिनेट ने 13 May 2026 को एक नई कोयला गैसिफिकेशन योजना को Rs 37,500 crore के खर्च के साथ मंजूरी दी। यह योजना 25 सतही गैसिफिकेशन परियोजनाओं को समर्थन देने और लगभग 75 million टन कोयला/लिग्नाइट को गैसिफाई करने का लक्ष्य रखती है, जिससे भारत 2030 तक अपने 100 million टन लक्ष्य के करीब पहुँच रहा है।

मुख्य विकास

  • प्लांट‑एंड‑मशीनरी लागत के अधिकतम 20 % तक का वित्तीय प्रोत्साहन, चार समान किस्तों में भुगतान किया जाएगा।
  • यह योजना 2024 में मंजूर किए गए VGF कार्यक्रम Rs 8,500 crore में जोड़ती है, लेकिन विशेष रूप से सतही परियोजनाओं पर केंद्रित है।
  • आयातित LNG, यूरिया, अमोनिया और मेथनॉल को कम करने के लिए घरेलू सिंगैस प्रदान करके आयात में कमी का लक्ष्य रखती है।
  • जिंदल स्टील के 1.80 mtpa प्लांट (अंगुल, ओडिशा) और कोल इंडिया लिमिटेड तथा निजी खिलाड़ियों की आगामी परियोजनाओं जैसे मौजूदा परियोजनाओं को समर्थन देती है।

कोयला गैसिफिकेशन पर महत्वपूर्ण तथ्य

कोयला गैसिफिकेशन दो तरीकों से किया जा सकता है:

  • सतही गैसिफिकेशन – कोयला पहले निकाला जाता है, फिर ऊपर‑भूमि रिएक्टर में प्रक्रिया की जाती है।
  • अंडरग्राउंड कोयला गैसिफिकेशन (UCG) – कोयला जमीन के नीचे ही गैस में बदलता है।

परिणामी सिंगैस को आगे सिंथेटिक नेचुरल गैस, मेथनॉल, डाइमेथाइल ईथर, उर्वरकों के लिए अमोनिया और अन्य पेट्रो‑केमिकल फीडस्टॉक्स में परिवर्तित किया जा सकता है।

UPSC प्रासंगिकता

ऊर्जा सुरक्षा, आयात प्रतिस्थापन और सार्वजनिक‑निजी भागीदारी मॉडल पर GS‑3 (Economy) प्रश्नों के लिए इस योजना को समझना अत्यंत आवश्यक है। यह GS‑1 (Geography) से भी जुड़ी है।

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कैबिनेट की Rs 37,500 cr कोयला गैसिफिकेशन योजना ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करती है और ईंधन आयात को घटाती है

Key Facts

  1. यूनियन कैबिनेट ने 13 May 2026 को कोयला गैसिफिकेशन योजना को Rs 37,500 crore के बजट के साथ मंजूरी दी।
  2. यह योजना 25 सतही गैसिफिकेशन परियोजनाओं को फंड करेगी, जिससे लगभग 75 million टन कोयला/लिग्नाइट गैसिफाई होगा।
  3. वित्तीय प्रोत्साहन: प्लांट‑एंड‑मशीनरी लागत के अधिकतम 20 % तक, चार समान किस्तों में जारी किया जाएगा।
  4. यह 2024 के Viability Gap Funding (VGF) Rs 8,500 crore पर आधारित है, लेकिन केवल सतही परियोजनाओं पर केंद्रित है।
  5. भारत का लक्ष्य 2030 तक 100 million टन कोयला/लिग्नाइट गैसिफाई करना है, जिससे LNG, यूरिया, अमोनिया और मेथनॉल के आयात में कमी आएगी।
  6. भारत के कोयला भंडार कुल ~389 billion टन (212 billion टन प्रमाणित) हैं, जो विश्व में चौथे स्थान पर हैं।
  7. कोयला‑आधारित पावर प्लांट गर्मी के चरम महीनों में 70 % से अधिक बिजली आपूर्ति करते हैं।

Background & Context

कोयला गैसिफिकेशन ठोस कोयले को सिंगैस में बदलता है, जो एक स्वच्छ‑ईंधन फीडस्टॉक है, जिससे भारत आयातित ईंधनों पर निर्भरता कम कर सकता है और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत कर सकता है। यह योजना GS‑3 के औद्योगिक नीति, ऊर्जा बुनियादी ढांचा और आयात प्रतिस्थापन विषयों के साथ संरेखित है, साथ ही GS‑1 के घरेलू कोयला भंडार के भूगोल से भी जुड़ी है।

UPSC Syllabus Connections

Essay•International Relations and GeopoliticsPrelims_GS•Social and Economic Geography of IndiaGS1•Distribution of Key Natural ResourcesGS3•Infrastructure - Energy, Ports, Roads, Airports, RailwaysGS2•Functions and responsibilities of Union and StatesGS2•Constitutional posts, bodies and their powers and functionsPrelims_GS•National Current Affairs

Mains Answer Angle

एक मुख्य उत्तर में चर्चा करें कि कोयला गैसिफिकेशन योजना कैसे ऊर्जा सुरक्षा, आयात प्रतिस्थापन और सार्वजनिक‑निजी भागीदारी को आगे बढ़ाती है, इसे GS‑3 (Economy) और GS‑1 (Geography) से जोड़ते हुए। एक संभावित प्रश्न यह हो सकता है कि सतत विकास के लिए स्वच्छ‑कोयला प्रौद्योगिकियों को रणनीति के रूप में मूल्यांकन करें।

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