रक्षा मंत्री Sanjay Seth कलाम & Kavach 3.0 का उद्घाटन करेंगे – JAI और I² पर जोर
14 May 2026 को, रक्षा मंत्री Sanjay Seth कलाम & Kavach सम्मेलन का तीसरा संस्करण उद्घाटन करेंगे, जिसमें Jointness, Self‑reliance और Innovation (JAI) तथा Indigenisation‑International Collaboration (I²) पर ध्यान दिया जाएगा। यह कार्यक्रम शीर्ष रक्षा अधिकारियों, उद्योग नेताओं और थिंक‑टैंक्स को एकत्र करेगा ताकि AI‑आधारित युद…
14 मई 2026 को , Raksha Rajya Mantri Sanjay Seth Manekshaw Centre, New Delhi में Kalam & Kavach का तीसरा संस्करण खोलेंगे। सम्मेलन, जिसका थीम “Taking JAI Forward With I²” है, भारत की रक्षा परिवर्तन को अधिक आत्मनिर्भरता, सहयोगिता और नवाचार की ओर ले जाने का लक्ष्य रखता है। मुख्य विकास 14 मई 2026 को रक्षा मंत्री द्वारा उद्घाटन, जो सम्मेलन का तीसरा संस्करण चिह्नित करता है। रणनीतिक फोकस Jointness, Aatmanirbharta और Innovation (JAI) तथा I² पर। उच्च‑स्तरीय भागीदारी जिसमें Chief of Defence Staff General Anil Chauhan, Chief of the Naval Staff Admiral Dinesh K Tripathi, वरिष्ठ MoD अधिकारी, DRDO, NSAB, विदेशी राजदूत और प्रमुख रक्षा निगम शामिल हैं। AI‑सक्षम युद्ध, स्वायत्त प्रणाली, हाइपरसोनिक हथियार, क्वांटम‑सक्षम C4ISR, अंतरिक्ष खतरे और त्रि‑सेवा एकीकरण पर सत्र। MSME भागीदारी, iDEX‑प्रेरित इकोसिस्टम, रक्षा औद्योगिक गलियारों और सह‑विकास मॉडलों का प्रदर्शन। महत्वपूर्ण तथ्य सम्मेलन में मुख्य भाषण, फायरसाइड चैट और उद्योग‑साझेदार इंटरैक्शन शामिल होंगे। Chief of Integrated Defence Staff (CISC) Air Marshal Ashutosh Dixit का विशेष संबोधन त्रि‑सेवा समन्वय की सहज आवश्यकता को रेखांकित करेगा। हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन, क्वांटम संचार, लो‑अर्थ‑ऑर्बिट (LEO) उपग्रह खतरों और स्वदेशी उत्पादन स्केलेबिलिटी जैसे विषयों पर चर्चा होगी, जो Viksit Bharat@2047 की दृष्टि के साथ संरेखित है। UPSC प्रासंगिकता GS‑2 (Polity) के लिए, यह कार्यक्रम Raksha Rajya
Quick Reference
Key Insight
Kalam & Kavach 3.0 JAI‑I² एजेंडा को आगे बढ़ाता है, भारत की आत्मनिर्भर रक्षा पहल को सुदृढ़ करता है।
Key Facts
- 14 May 2026: रक्षा मंत्री Sanjay Seth ने Manekshaw Centre, New Delhi में Kalam & Kavach 3.0 का उद्घाटन किया।
- सम्मेलन थीम – “Taking JAI Forward With I²”: Jointness, Aatmanirbharta (स्व‑निर्भरता) और Innovation (JAI) साथ ही Indigenisation & International Collaboration (I²)।
- मुख्य प्रतिभागियों में C‑DS General Anil Chauhan, CNS Admiral Dinesh K Tripathi, CISC Air Marshal Ashutosh Dixit, DRDO, NSAB, विदेशी राजदूत और प्रमुख रक्षा कंपनियां शामिल थीं।
- सत्रों में AI‑सक्षम युद्ध, स्वायत्त प्रणालियां, हाइपरसोनिक हथियार, क्वांटम‑सक्षम C4ISR, LEO‑उपग्रह खतरों और त्रि‑सेवा एकीकरण पर फोकस किया गया।
- सम्मेलन ने iDEX के माध्यम से MSME भागीदारी और रक्षा औद्योगिक गलियारों के निर्माण को उजागर किया, जिससे Make‑in‑India को बढ़ावा मिला।
- परिणाम Viksit Bharat@2047 दृष्टि और व्यापक JAI‑I² रोडमैप के साथ संरेखित होते हैं, जो आत्मनिर्भर रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र के लिए है।
Background
यह कार्यक्रम भारत की रणनीतिक दिशा को आत्मनिर्भर, प्रौद्योगिकी‑आधारित रक्षा स्थिति की ओर उजागर करता है, जिसमें रक्षा आधुनिकीकरण (GS‑3) को औद्योगिक नीति, नवाचार इकोसिस्टम और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग (GS‑2) से जोड़ा गया है। यह सरकार की Make‑in‑India, सार्वजनिक‑निजी साझेदारी और उन्नत C4ISR क्षमताओं को उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
UPSC Syllabus
- GS3 — Developments in science and technology and their applications
- Essay — Science, Technology and Society
- Essay — Economy, Development and Inequality
- Prelims_GS — National Current Affairs
- GS2 — Government policies and interventions for development
- GS3 — Various security forces and agencies
Mains Angle
GS‑3: रक्षा आत्मनिर्भरता और नवाचार के लिए नीति उपकरण के रूप में JAI‑I² फ्रेमवर्क पर चर्चा करें। एक संभावित प्रश्न उम्मीदवारों से पूछ सकता है कि iDEX जैसी सार्वजनिक‑निजी साझेदारियाँ इस फ्रेमवर्क को कैसे कार्यान्वित कर सकती हैं।