Overview
SEBI Chairperson Tuhin Kanta Pandey ने May 18, 2026 को मीडिया से बात की, यह रेखांकित करते हुए कि भारतीय इक्विटी बाजार बढ़ती अस्थिरता के बावजूद लचीला बना रहा है, जो चल रहे West Asia crisis से उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि बाजार की झटकों को अवशोषित करने की क्षमता सुनिश्चित करती है कि बाहरी दबाव कम होने पर सामान्य विकास पथ पर लौट आएगा।
Key Developments
- बाजार ने तेल कीमत और आपूर्ति झटकों को बिना प्रबंधनीय सीमाओं को पार किए अवशोषित किया है।
- सरकारी उपाय crisis के मैक्रो‑इकॉनॉमिक प्रभाव को कम करने के लिए किए जा रहे हैं।
- India’s market capitalisation ₹95 lakh crore in 2016 से बढ़कर ≈₹463 lakh crore in April 2026 हो गया।
- The corporate bond market ने ₹20 lakh crore से बढ़कर ≈₹60 lakh crore तक विस्तार किया।
- Retail investor base 145 million (14.5 crore) तक बढ़ी, जबकि 2019 में यह 38 million (3.8 crore) थी।
- Equity and debt issuances ने पिछले वर्ष ₹13 lakh crore जुटाए, जो कई EU economies के शून्य IPOs से अधिक है।
- Assets under management in mutual funds ने ₹12 lakh crore in 2016 से बढ़कर ≈₹82 lakh crore तक पहुंचा।
- Monthly SIP inflows ने दस गुना बढ़कर ₹31,000 crore से अधिक हो गया, अप्रैल 2026 में।
Important Facts
रिटेल भागीदारी में उछाल भारतीय घरों में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। The expansion of the Corporate