अवलोकन
The Election Commission of India (ECI) voter सूची का Special Intensive Revision (SIR) कर रहा है। कर्नाटक, राजस्थान और गुजरात से हालिया रिपोर्टें बताती हैं कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने सैकड़ों Form 7 बड़े पैमाने पर दायर किए हैं, अक्सर संबंधित मतदाताओं की जानकारी के बिना।
मुख्य विकास
- Rajasthan, Gujarat, Uttar Pradesh और Uttarakhand में Form 7 की बड़े पैमाने पर दायर करने की रिपोर्टें मिली हैं।
- जमीनी रिपोर्टें दर्शाती हैं कि एक ही व्यक्ति के नाम का उपयोग करके सैकड़ों आपत्तियां दर्ज की गईं।
- राजनीतिक पार्टियों के Booth Level Agents (BLAs) एक दिन में अधिकतम 30 फॉर्म जमा कर सकते हैं, जबकि पंजीकृत मतदाता द्वारा दायर फॉर्मों पर कोई सीमा नहीं है।
- ECI कहता है कि एक ही व्यक्ति द्वारा पाँच से अधिक आपत्तियां दायर करने पर Electoral Registration Officer (ERO) द्वारा अनिवार्य समीक्षा शुरू होगी।
- विपक्षी पार्टियां दावा करती हैं कि यह दुरुपयोग योग्य मतदाताओं को हटाने और सत्ताधारी पार्टी को लाभ पहुंचाने के लिए समन्वित है।
महत्वपूर्ण तथ्य
- SIR के तीसरे चरण में, जो 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करता है, 3,42,409 BLAs 36,73,87,831 मतदाताओं के निर्वाचन क्षेत्र के लिए हैं।
- यह लगभग प्रत्येक 1,073 मतदाताओं पर एक BLA के बराबर है।
- Form 7 आवेदन को किसी भी हटाने से पहले Booth Level Officer (BLO) द्वारा जांचा जाना चाहिए।
- कई मतदाता इस बात से अनजान थे कि उनके खिलाफ हटाने का अनुरोध दायर किया गया है।
UPSC प्रासंगिकता
SIR प्रक्रिया और electoral roll के आसपास की सुरक्षा उपायों को समझना electoral reforms, voter rights, और ECI के कार्यप्रणाली पर GS‑2 (Polity) प्रश्नों के लिए आवश्यक है। यह घटना प्रशासनिक निगरानी की चुनौतियों, प्रक्रियात्मक उपकरणों के दुरुपयोग को उजागर करती है,