अवलोकन
Iran और United States के बीच टकराव एक नए चरण में प्रवेश कर गया है। Islamabad Memorandum of Understanding (MoU) के टूटने के बाद, दोनों पक्षों ने प्रतिशोधी हमले फिर से शुरू किए। Iran ने Strait of Hormuz में US warships को निशाना बनाया, जबकि US ने Gulf waters में तीन Iranian oil tankers पर हमला किया। यह घटना US economic warfare की सीमाओं को उजागर करती है और Trump administration की रणनीतिक दिशा के बारे में प्रश्न उठाती है।
मुख्य विकास
- US President Donald Trump ने सीधे हमलों से हटकर कड़े प्रतिबंध और Iranian ports पर नौसैनिक नाकाबंदी की ओर रुख किया।
- US ने Omani तट के साथ दक्षिणी मार्ग से कुछ oil tankers को मोड़ने में सफल रहा, लेकिन Iran ने उस मार्ग पर जहाजों को निशाना बनाते रहना जारी रखा।
- तीन Iranian tankers पर US के प्रतिशोधी हमलों ने Islamic Revolutionary Guard Corps को छह जहाजों (तीन tankers और तीन US‑linked ships) पर हमला करने के लिए प्रेरित किया।
- Iran ने Kuwait, Bahrain और Jordan में US bases पर हमले शुरू किए, जो महीनों में US सैन्य जहाजों पर पहला सीधा हमला था।
महत्वपूर्ण तथ्य
- संघर्ष 28 February 2026 को शुरू हुआ जब US और Israel ने Iran के nuclear programme को रोकने और शासन परिवर्तन की दिशा में एक संयुक्त ऑपरेशन की घोषणा की।
- US naval blockade का उद्देश्य Iran के oil exports को सीमित करना है, जो Iranian ports की U.S. Navy blockade का एक क्लासिक उदाहरण है।
- Iran की प्रतिक्रिया रणनीति को debasification strategy के रूप में वर्णित किया गया है, जो US forces को उसकी परिधि से दूर धकेलती है।
- Severe economic sanctions के बावजूद, Iran r