Overview
The Supreme Court on 18 June 2026 ने Union Government, Bar Council of India, State Bar Councils और University Grants Commission को नोटिस जारी किए। ये नोटिस Bar Association of India (BAI) द्वारा दायर रिट पेटिशन के जवाब में जारी किए गए थे, जिसमें वकीलों की सत्यापन के लिए राष्ट्रीय तंत्र और उनके सोशल‑मीडिया गतिविधियों के लिए आचार संहिता की मांग की गई थी।
Key Developments
- पेटिशन National Digital Registry for the Legal Profession of India (NDRLP) के निर्माण का प्रस्ताव रखती है।
- पेटिशन Bar Council of India से Social Media and Digital Conduct Code को वकीलों के लिए तैयार करने का अनुरोध करती है।
- Chief Justice Surya Kant ने युवा वकीलों की सुरक्षा और प्रशिक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला, यह बताते हुए कि अधिकांश वकील जिम्मेदार पेशेवर हैं।
- कोर्ट ने याचिकाकर्ता को सभी विधि विश्वविद्यालयों को शामिल करने से पहले एक कार्यशील मॉडल प्रस्तुत करने वाला अतिरिक्त नीति पत्र प्रस्तुत करने की अनुमति दी।
- कोर्ट ने सत्यापन तंत्र की जांच के लिए एक नई समिति गठित करने का संकेत दिया, यह नोट करते हुए कि पहले की देरी ने वर्तमान संकट को जन्म दिया है।
Important Facts
- Bar Council of India के अनुसार, अदालतों में पेश होने वाले 35‑40 % व्यक्तियों के नकली वकील हो सकते हैं।
- प्रस्तावित NDRLP में Unique National Advocate Identifier, वास्तविक‑समय नामांकन स्थिति, अनुशासनात्मक रिकॉर्ड और QR‑सत्यापित सार्वजनिक प्रोफ़ाइल शामिल होंगी।
- वर्तमान वकील रोल्स राज्य बार काउंसिल्स में बिखरे हुए हैं, जिससे सार्वजनिक रूप से सत्यापित राष्ट्रीय डेटाबेस की कमी है।
- पेटिशन सभी नए वकीलों के लिए पेशेवर आचार संहिता पर अनिवार्य प्री‑नामांकन ऑनलाइन कोर्स की भी मांग करता है।
Exam Relevance
ये विकास UPSC के कई पाठ्यक्रम क्षेत्रों को छूते हैं। Chief Justice of I