अवलोकन
Supreme Court ने, 2024‑2026 के कई निर्णयों में, उन नाबालिग लड़कियों के लिए गर्भपात की अनुमति दी है जो गर्भधारण जारी रखने की इच्छा नहीं रखतीं, और यह वैधानिक सीमा 24 weeks से परे है। निर्णय Medical Termination of Pregnancy Act (MTPA) और Medical Board की शक्तियों पर आधारित हैं। ये रूलिंग्स इस पारंपरिक दृष्टिकोण को चुनौती देती हैं कि केवल जीवन‑धमकी या गंभीर भ्रूण असामान्यताओं ही गर्भकाल सीमा को पार करने को उचित ठहराते हैं।
मुख्य विकास (2024‑2026)
- Oct 12 2021 – Union Government ने Medical Termination of Pregnancy (Amendment) Rules 2021 को अधिसूचित किया।
- 2024 – Justice DY Chandrachud ने 24 सप्ताह से परे गर्भपात पर दो विपरीत निर्णय (2022 एवं 2023) जारी किए।
- Feb 2026 – Justice BV Nagarathna ने नाबालिगों के लिए वैधानिक सीमा से परे गर्भपात की अनुमति दी।
- Apr 2026 – S v. UOI में, 15‑वर्षीय लड़की की 28 सप्ताह पर गर्भपात की मांग को दिल्ली हाई कोर्ट के अस्वीकार के बाद, Medical Board की सिफारिश के बाद मान्य किया गया।
- 2026 – कोर्ट ने ज़ोर दिया कि महिला को जन्म देने के लिए मजबूर करना और फिर गोद लेने की पेशकश करना उसके कल्याण को कमजोर करता है और गर्भपात को गुप्त रूप से करवाने की ओर ले जा सकता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
• 2021 संशोधन ने ऊपरी गर्भकाल सीमा को 20 सप्ताह से बढ़ाकर 24 सप्ताह कर दिया और एक प्रावधान (Rule 3A(a)(i)) पेश किया, जो स्वास्थ्य‑सुरक्षा कारणों पर 24 सप्ताह से अधिक गर्भपात को मंजूरी देने के लिए Medical Board को सशक्त बनाता है।
• 24‑सप्ताह की सीमा के अपवाद अभी भी हैं: महिला के जीवन के लिए तत्काल खतरा और जीवन के अनुकूल न होने वाले महत्वपूर्ण भ्रूण असामान्यताएँ।
• Supreme Court Article 32 का हवाला दे सकता है ...