समीक्षा
Monday, 4 May 2026 को, Supreme Court एक याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें UIDAI से नई Aadhaar कार्डों को केवल छह वर्ष तक के नागरिकों तक सीमित करने और किशोरों एवं वयस्कों के लिए दिशानिर्देशों को कड़ा करने की मांग की गई है। इसका उद्देश्य भारतीय नागरिकों के रूप में छिपे हुए घुसपैठियों द्वारा दुरुपयोग को रोकना है।
मुख्य विकास
- याचिका Chief Justice Surya Kant और Justice Joymalya Bagchi के बेंच के समक्ष सुनी जाएगी।
- मांग में UIDAI को केवल ≤ 6 वर्ष के बच्चों को नया Aadhaar कार्ड जारी करने का निर्देश शामिल है।
- यह किशोरों और वयस्कों के लिए Aadhaar जारी करने हेतु “कठोर दिशानिर्देश” की भी मांग करता है ताकि धोखाधड़ीपूर्ण नामांकन रोका जा सके।
महत्वपूर्ण तथ्य
- वर्तमान Aadhaar नीति सभी निवासियों को आयु की परवाह किए बिना नामांकन की अनुमति देती है।
- UIDAI के पास 1.3 billion से अधिक बायोमेट्रिक रिकॉर्ड्स का डेटाबेस है।
- पिछले Supreme Court के निर्णयों ने Aadhaar की संवैधानिक वैधता को मान्य किया है, लेकिन गोपनीयता और डेटा सुरक्षा पर सुरक्षा उपाय लागू किए हैं।
UPSC प्रासंगिकता
यह मामला कई GS विषयों को छूता है: संवैधानिक कानून (GS2), शासन में वैधानिक निकायों की भूमिका (GS2), डेटा गोपनीयता और डिजिटल पहचान (GS3), तथा प्रौद्योगिकी और कल्याण वितरण का संगम (GS3)। Aadhaar पर Supreme Court की न्यायशास्त्र को समझना अभ्यर्थियों को राष्ट्रीय सुरक्षा, व्यक्तिगत अधिकारों और प्रशासनिक दक्षता के बीच संतुलन का विश्लेषण करने में मदद करता है।
आगे का रास्ता
निर्णय के आधार पर, सरकार को Aadhaar अधिनियम में संशोधन करने या UIDAI के माध्यम से नए नियम जारी करने की आवश्यकता पड़ सकती है।