Supreme Court ने Insolvency मामलों में री‑अपील पर समय‑सीमा स्पष्ट की
Supreme Court ने फैसला सुनाया कि एक बार Insolvency & Bankruptcy Code, 2016 के Section 62 के तहत निर्धारित वैधानिक limitation period (अधिकतम 60 दिन) और Supreme Court Rules के तहत दोष सुधारने के लिए बाद की 28‑दिन की विंडो समाप्त हो जाने पर, री‑अपील दाखिल करने का अधिकार समाप्त हो जाता है।
मुख्य विकास
- Section 62 के तहत appeal दाखिल करने के लिए अधिकतम 60‑दिन की अवधि अब कड़ाई से लागू की जाएगी।
- अपील दाखिल होने के बाद, पक्षों के पास Supreme Court Rules के अनुसार किसी भी प्रक्रियात्मक दोष को सुधारने के लिए अतिरिक्त 28‑दिन की अवधि होती है।
- यदि दोनों अवधि समाप्त हो जाती हैं, तो अदालत किसी भी आगे की री‑अपील को नहीं सुनेगी, भले ही litigant वास्तविक कठिनाई का दावा करे।
महत्वपूर्ण तथ्य
यह निर्णय insolvency प्रक्रियाओं में अंतिमता के सिद्धांत को रेखांकित करता है। यह distressed assets के समाधान में देरी कर सकने वाले दीर्घकालिक मुकदमों को रोकने का लक्ष्य रखता है। अदालत ने जोर दिया कि वैधानिक समयसीमा एक "hard deadline" है और इसे विवेक से बढ़ाया नहीं जा सकता।