Supreme Court ने दशक‑भर चल रहे तलाक को समाप्त करने के लिए Article 142 का प्रयोग किया, Rs 5 crore का अलिमोनी आदेशित किया
यह मामला Supreme Court द्वारा Article 142 के सक्रिय उपयोग को दर्शाता है, जिससे वैधानिक सीमाओं से परे उपाय तैयार किए जाते हैं, पारिवारिक कानून में न्यायिक हस्तक्षेप और निरर्थक मुकदमों को रोकने की आवश्यकता को उजागर करता है। यह संवैधानिक शक्तियों, व्यक्तिगत कानून (Hindu Marriage Act) और पेशेवर नैतिकता के आपसी संबंध को रेखांकित करता है, जो GS‑2 (Polity) और GS‑4 (Ethics) के केंद्रीय विषय हैं।
GS‑2: विश्लेषण करें कि Supreme Court द्वारा Article 142 का उपयोग वैवाहिक विवादों में कैसे कानूनी सुधारों को सुदृढ़ कर सकता है और न्यायिक बैकलॉग को कम कर सकता है; पारिवारिक कानून और न्यायिक जवाबदेही पर इसके प्रभावों पर चर्चा करें।
Supreme Court ने दशक‑भर चल रहे तलाक को समाप्त करने के लिए Article 142 का प्रयोग किया, Rs 5 crore का अलिमोनी आदेशित किया
यह मामला Supreme Court द्वारा Article 142 के सक्रिय उपयोग को दर्शाता है, जिससे वैधानिक सीमाओं से परे उपाय तैयार किए जाते हैं, पारिवारिक कानून में न्यायिक हस्तक्षेप और निरर्थक मुकदमों को रोकने की आवश्यकता को उजागर करता है। यह संवैधानिक शक्तियों, व्यक्तिगत कानून (Hindu Marriage Act) और पेशेवर नैतिकता के आपसी संबंध को रेखांकित करता है, जो GS‑2 (Polity) और GS‑4 (Ethics) के केंद्रीय विषय हैं।
GS‑2: विश्लेषण करें कि Supreme Court द्वारा Article 142 का उपयोग वैवाहिक विवादों में कैसे कानूनी सुधारों को सुदृढ़ कर सकता है और न्यायिक बैकलॉग को कम कर सकता है; पारिवारिक कानून और न्यायिक जवाबदेही पर इसके प्रभावों पर चर्चा करें।
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संवैधानिक प्रावधान – Article 142
Family law – maintenance and alimony
Judicial activism and case management