अवलोकन
The Supreme Court on 22 April 2026 ने फैसला सुनाया कि Mamata Banerjee, West Bengal की Chief Minister, चल रहे ED रैड में I‑PAC परिसर में प्रवेश को Centre‑State dispute के रूप में नहीं माना जा सकता। यह निर्णय West Bengal सरकार के तर्क सुनते हुए आया, जिसे वरिष्ठ वकील Menaka Guruswamy ने प्रस्तुत किया।
मुख्य विकास
- बेंच जिसमें Justices Prashant Kumar Mishra और N.V. Anjaria शामिल थे, ने यह दावा खारिज कर दिया कि यह घटना स्वचालित रूप से एक संघीय संघर्ष को उत्पन्न करती है।
- writ petition को ED ने दायर किया, जिसमें Mamata Banerjee, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और उनके साथ आए राज्य अधिकारियों की alleged irregularities की जांच के लिए CBI की जांच की मांग की गई।
- Court ने यह ज़ोर दिया कि रैड के प्रक्रियात्मक पहलू स्वचालित रूप से संघीय अधिकार क्षेत्र के संवैधानिक प्रश्न में नहीं बदलते।
महत्वपूर्ण तथ्य
1. रैड जनवरी 2026 में कोलकाता के I‑PAC कार्यालय में हुआ। 2. ED ने कहा कि Chief Minister की उपस्थिति जांच में बाधा डाल सकती है। 3. petition CBI को केस ट्रांसफ़र करने की मांग करती है, यह तर्क देते हुए कि मामला अंतर-राज्यीय राजनीतिक प्रभाव शामिल करता है।
Headline: SC ruling West Bengal CM पर ED raid के कारण Centre‑State clash को सीमित करता है