Supreme Court ने सोमवार, 4 May 2026 को Union Government को निर्देश दिया कि वह एक याचिका की जांच करे जिसमें यह माँग की गई है कि नए Aadhaar कार्ड केवल बच्चों को जारी किए जाएँ, जबकि UIDAI वयस्कों और किशोरों के लिए “कठोर दिशानिर्देश” तैयार करे।
Key Developments
- बेंच का नेतृत्व Chief Justice of India Surya Kant ने किया।
- याचिका वकील Ashwini Kumar Upadhyay द्वारा दायर की गई, जिसमें तर्क दिया गया कि बिना प्रतिबंध के Aadhaar जारी करना घुसपैठियों को भारतीय नागरिकों के रूप में दिखावा करने की अनुमति दे सकता है।
- Court ने Centre से अनुरोध किया कि वह याचिका पर विचार करे और आवश्यक होने पर UIDAI को वयस्कों के लिए पात्रता मानदंड कड़े करने का निर्देश दे।
Important Facts
- वर्तमान Aadhaar नामांकन सभी निवासियों के लिए 5 वर्ष की आयु से ऊपर खुला है।
- UIDAI Aadhaar (Targeted Delivery of Services) Act, 2016 के तहत कार्य करता है, जो सार्वभौमिक कवरेज को अनिवार्य करता है।
- याचिका बच्चों के लिए एक श्रेणीबद्ध प्रतिबंध की मांग करती है, जो मौजूदा सार्वभौमिक मॉडल से अलग है।
Exam Relevance
यह मामला कई GS विषयों को छूता है:
- Polity (GS2): कार्यकारी नीतियों की समीक्षा और संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा में न्यायपालिका की भूमिका।
- Economy (GS3): सीधे लाभ हस्तांतरण, वित्तीय समावेशन और डेटा सुरक्षा में Aadhaar की भूमिका।
- Society (GS4): उन सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए प्रभाव जो पहचान सत्यापन के लिए Aadhaar पर निर्भर करती हैं।
- Union Government और UIDAI जैसे वैधानिक निकायों के बीच अंतःक्रिया को समझना शासन संबंधी प्रश्नों के लिए आवश्यक है।
Way Forward
जबकि Court का आदेश प्रक्रियात्मक है, निम्नलिखित कदम संभावित हैं:
- Ministry of Electronics and Information Technology UIDAI से विस्तृत प्रतिक्रिया मांगेगा।
- UIDAI “strin ...” तैयार कर सकता है।