अवलोकन
The Supreme Court ने 22 April 2026 को कहा कि एक Chief Minister की केंद्रीय जांच में दखल को संघ और राज्य के बीच विवाद के रूप में नहीं माना जा सकता। यह टिप्पणी Enforcement Directorate द्वारा दायर याचिकाओं की सुनवाई के दौरान आई, जिसमें वे West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee के खिलाफ CBI FIR की मांग कर रहे थे, क्योंकि उन्होंने ED की I‑PAC पर छापेमारी को बाधित किया था।
मुख्य विकास
- बेंच (Justices Prashant Kumar Mishra & N.V. Anjaria) ने यह तर्क खारिज कर दिया कि मामला Article 131 के तहत Centre‑State विवाद है।
- Justice Kumar ने जोर दिया कि दखल एक व्यक्तिगत (the Chief Minister) की कार्रवाई है, न कि state‑government की, इसलिए याचिका Article 32 के तहत मान्य है।
- Senior Advocate Menaka Guruswamy ने तर्क दिया कि ED मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का दावा नहीं कर सकता और याचिका को Article 145 के तहत पाँच‑जज बेंच को भेजा जाना चाहिए।
- Senior Advocate Abhishek Manu Singhvi ने precedents (जैसे State Trading Corporation v. Commercial Tax Officer) का हवाला देते हुए कहा कि कंपनियों और वैधानिक एजेंसियों को "citizens" के रूप में Article 19 के अधिकार नहीं मिलते।
- Court ने प्रश्न उठाया कि क्या ED Chief Minister की कथित बाधा के खिलाफ उपाय मांग सकता है, जिससे संघीय संरचना और केंद्रीय जांच शक्ति के बीच तनाव उजागर हुआ।
