The Insolvency and Bankruptcy Code (IBC) 2016 की समीक्षा Supreme Court ने अपने Quarterly Digest में Jan‑Mar 2026 के लिए की। यह मामला एक Debenture Trust Deed (DTD) से संबंधित था जहाँ corporate debtor ने एकल debenture holder, ECLF, के साथ एकतरफा ई‑mail आदान‑प्रदान के आधार पर मौजूदा moratorium को लागू करने का प्रयास किया। Court ने कहा कि ऐसी एकतरफ़ा वार्तालाप moratorium के दावे को समर्थन नहीं दे सकते।
Key Developments
- Corporate debtor का moratorium का दावा केवल ECLF के साथ ई‑mail संचार पर आधारित था, न कि सभी debenture holders के सामूहिक समझौते पर।
- Corporate Debtor बिना creditor committee की सहमति के एकतरफा रूप से moratorium का दावा नहीं कर सकता।
- Court ने जोर दिया कि DTD में कोई भी संशोधन IBC के तहत निर्धारित प्रक्रियात्मक सुरक्षा, जिसमें पारदर्शी वार्तालाप शामिल हैं, का पालन करना चाहिए।
- Judgment स्पष्ट करता है कि केवल ई‑mail वार्तालाप IBC के तहत वैध पुनर्संरचना के लिए आवश्यक प्रक्रियात्मक कठोरता से वंचित हैं।
Important Facts
- Case Supreme Court Quarterly Digest में Jan‑Mar 2026 अवधि के लिए रिपोर्ट किया गया।
- विवादित moratorium IBC की धारा 13(3) के तहत दावा किया गया, जो Committee of Creditors द्वारा सामूहिक निर्णय अनिवार्य करती है।
- Court का observation यह दर्शाता है कि moratorium लागू करने से पहले दस्तावेज़ित, बहु‑पक्षीय सहमति आवश्यक है।
- निर्णय पहले के judgments के साथ संरेखित है जो creditor committee की प्रमुखता को सुदृढ़ करते हैं।