Supreme Court ने भागे हुए जोड़े के लिए प्रत्यक्ष हस्तक्षेप से इनकार किया, Delhi High Court में Article 226 के तहत अपील का आदेश दिया
Bench comprising Chief Justice of India Surya Kant, Justice Joymalya Bagchi and Justice Vipul Pancholi ने honour‑based खतरों से भाग रहे युवा जोड़े की तत्काल सुरक्षा के अनुरोध को खारिज कर दिया। वकीलों को निर्देश दिया गया कि वे petition को Supreme Court में तभी दाखिल करें जब High Court ने Article 226 के तहत मामले पर विचार किया हो।
मुख्य विकास
- जोड़े, एक लड़का Uttar Pradesh से और एक लड़की Bihar से, ने दावा किया कि वे Supreme Court में शादी कर सकते हैं क्योंकि उन्होंने वायरल social‑media reels देखे थे।
- वे Tilak Marg police station पर पहुंचे, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा प्रदान करने के बजाय उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश की।
- Advocate Harvinder Chaudhary, साथ में वकील Atul Kumar Yadav और Triprary Chopra, ने हस्तक्षेप किया और honour killing के खतरों को उजागर किया, जिसमें यह दावा शामिल था कि लड़की के माता‑पिता "जोड़े को पेड़ से लटका देंगे"।
- CJI ने भागे हुए जोड़ों के लिए समर्पित shelter homes की अनुपस्थिति पर ज़ोर दिया।
- Bench ने सरल दृष्टिकोण के खिलाफ चेतावनी दी, यह नोट किया कि कुछ भागे हुए पुरुष पहले से ही विवाहित हो सकते हैं, जिससे सुरक्षा आदेश जटिल हो जाते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
- सुनवाई की तिथि: 20 March 2026।
- स्थान: Supreme Court, New Delhi।
- सुझाया गया कानूनी मार्ग: Article 226 के तहत Delhi High Court में एक writ petition दाखिल करें।
- संभावित परिणाम: High Court व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मूल्यांकन करेगी और यदि आवश्यक हो तो सुरक्षा आदेश जारी करेगी।
UPSC प्रासंगिकता
यह मामला UPSC पाठ्यक्रम के कई मुख्य क्षेत्रों को छूता है। अदालतों की hierarchy और jurisdiction को समझना (