याचिकाकर्ताओं ने Chief Justice of India Surya Kant से HPEC की नई संरचना का अनुरोध किया है। यह समिति 18 August 2026 को स्थापित की गई थी ताकि छात्र विरोधों पर पुलिस की प्रतिक्रिया की जांच की जा सके, जो कि alleged NEET‑UG paper‑leak आरोपों से संबंधित है।
Key Developments
- याचिकाकर्ता तर्क देते हैं कि वर्तमान HPEC में स्वतंत्र जांच अनुभव वाले सदस्य नहीं हैं और यह Union Home Minister Amit Shah और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के बहुत करीब है।
- वे चाहते हैं कि समिति का नेतृत्व एक पूर्व Chief Justice of India करें और इसमें एक सेवानिवृत्त महिला DGP तथा एक पूर्व Attorney General को शामिल किया जाए ताकि निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।
- याचिकाकर्ता Delhi Police और Rapid Action Force के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की जांच चाहते हैं, जिसमें बल प्रयोग, वर्दी नीतियों और कथित दुराचार के निर्णय शामिल हैं।
- Supreme Court ने आश्वासन दिया है कि HPEC उसकी निगरानी में कार्य करेगा, लेकिन याचिकाकर्ताओं को गैर‑न्यायिक सदस्यों की स्वतंत्रता पर संदेह है।
- सरकार के Solicitor General Tushar Mehta ने याचिकाकर्ताओं की चिंताओं को निराधार ठहराया।
Important Facts
वर्तमान में HPEC में पूर्व न्यायाधीश R. Subhash Reddy, Ravi Shankar Jha, Shalinder Kaur, पूर्व CBI Director Rishi Kumar Shukla, और सेवानिवृत्त DGP L.R. Bishnoi शामिल हैं। याचिकाकर्ता दावा करते हैं कि इन सदस्यों के कार्यकारी शाखा के साथ दीर्घकालिक संबंध हैं, जिससे पक्षपात की धारणा बनती है। समिति का कार्यक्षेत्र...