Overview
Supreme Court ने Rachna Shah, IAS, DoPT की सचिव को अवमानना नोटिस जारी किया है। यह नोटिस संघ की नई SCSC नहीं बुलाने की विफलता के कारण आया है, जिससे IRS अधिकारी को ITAT के सदस्य (अकाउंटेंट) के रूप में नियुक्त नहीं किया जा सका।
Key Developments
- 30 January 2026 को, कोर्ट ने संघ को SCSC गठित करने के बाद चार हफ्तों के भीतर याचिकाकर्ता की नियुक्ति पर विचार करने का आदेश दिया।
- याचिकाकर्ता Captain Pramod Kumar Bajaj ने चार चयन चरण पास किए थे, लेकिन उन्हें बार‑बार देरी और “तैयार‑की‑गई” आरोपों का सामना करना पड़ा।
- कोर्ट ने देखा कि संघ ने जानबूझकर हर चरण में बाधाएँ उत्पन्न कीं, जिससे पहले के आदेशों का उल्लंघन हुआ।
- असम्पालन के कारण संघ पर Rs 5 लाख की लागत लगाई गई।
- कोर्ट ने DoPT को चार हफ्तों के भीतर नई SCSC आयोजित करने का निर्देश दिया, जिसमें संबंधित अधिकारी को बाहर रखा जाए, और दो हफ्तों के भीतर याचिकाकर्ता को परिणाम की सूचना दी जाए।
- क्योंकि आदेश लागू नहीं हुआ, एक अवमानना याचिका दायर की गई; उत्तरदाताओं को नोटिस 14 April 2026 को वापस करना है।
Important Facts
याचिकाकर्ता ने 2014 के SCSC में All India Rank 1 प्राप्त किया, जिसे एक बैठते हुए Supreme Court न्यायाधीश ने अध्यक्षता की थी। इसके बावजूद, संघ ने बार‑बार निराधार आरोप लगाकर उसकी नियुक्ति को रोक दिया। अवमानना याचिका उन प्रावधानों के तहत दायर की गई जो कोर्ट को कार्यकारी के खिलाफ अपने निर्णयों को लागू करने का अधिकार देती हैं।
Exam Relevance
यह मामला UPSC पाठ्यक्रम से संबंधित कई विषयों को दर्शाता है:
- Administrative Law & Judicial Review: Supreme Court की अनुपालन लागू करने और अवमानना दंडित करने की शक्ति न्यायपालिका और कार्यकारी के बीच जांच‑परख और संतुलन को रेखांकित करती है (GS2)।
- Public Service Recruitment: The role o