Overview
Supreme Court ने 17 मार्च 2026 को एक याचिका को खारिज किया, जिसमें सार्वजनिक छुट्टियों की घोषणा के लिए एक समान नीति और विशेष रूप से Guru Gobind Singh के जन्मवर्षी के लिए राष्ट्रीय अवकाश की मांग की गई थी। यह याचिका All India Shiromani Singh Sabha द्वारा 2020 में दायर की गई थी।
Key Developments
- बेंच, जिसमें Justice Vikram Nath और Justice Sandeep Mehta शामिल हैं, ने याचिका को स्वीकार करने से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि भारत के पास पहले से ही “छुट्टियों की पवित्र भूमि” है।
- याचिकाकर्ता, Senior Advocate Vikas Singh द्वारा प्रतिनिधित्व किया गया, ने Court से Union Government और State Governments को छुट्टियों की घोषणा के लिए एक समान, विधायी‑आधारित नीति तैयार करने का निर्देश देने को कहा।
- Court ने दोहराया कि छुट्टियों की घोषणा का अधिकार कार्यकारी के पास executive instruction के माध्यम से है, न कि न्यायपालिका के पास।
- याचिका ने यह उजागर किया कि New Zealand, United Kingdom और United States जैसे देशों में छुट्टियों को विधायन के माध्यम से नियंत्रित किया जाता है, जो भारत के अनियमित दृष्टिकोण के विपरीत है।
Important Facts
• याचिका (W.P.(C) No. 1474/2020) ने आरोप लगाया कि वैधानिक ढाँचे की अनुपस्थिति के कारण छुट्टियों के निर्णय में राजनीतिक और सामुदायिक समूहों की “मनमानी इच्छाएँ और कल्पनाएँ” चलती हैं।
• याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि 10वें सिख गुरु के जन्मवर्षी, जो एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक व्यक्तित्व हैं, को उसकी सांस्कृतिक महत्ता के बावजूद गैर‑गजेटेड दिन के रूप में रखा गया है।
• 2021 में, Court ने Union और State governments को नोटिस जारी किया था, परन्तु उसके बाद कोई ठोस दिशा‑निर्देश नहीं जारी किए गए।
Exam Relevance
न्यायपालिका और कार्यकारी के बीच शक्ति विभाजन को समझना GS‑2 (Polity) के लिए आवश्यक है। यह मामला