अवलोकन
The Supreme Court ने इस बात पर कड़ी असंतुष्टि व्यक्त की है कि Indian Railways ने रेलवे सुरक्षा से संबंधित एक लंबित मामले में सामग्री प्रस्तुत की। कोर्ट ने देखा कि दस्तावेज़ सुरक्षा उन्नयन के लिए earmarked फंड के आवंटन और उपयोग को स्पष्ट रूप से नहीं बताते, जबकि पहले के निर्देशों के बावजूद sector के लिए बजट आवंटन में कमी को दूर करने का आदेश दिया गया था।
मुख्य विकास
- On 12 March 2026, कोर्ट ने नोट किया कि रिकॉर्ड पर रखी गई सामग्री इस बात में अस्पष्ट थी कि सुरक्षा‑संबंधी निवेश कैसे चैनल किए जा रहे हैं।
- Earlier, कोर्ट ने अपर्याप्त बजट आवंटन को रेलवे सुरक्षा के लिए उजागर किया और मंत्रालय से विस्तृत व्यय योजनाएँ प्रदान करने को कहा।
- कोर्ट का यह अवलोकन कई हाई‑प्रोफ़ाइल रेलवे दुर्घटनाओं के बीच आया है, जिन्होंने सार्वजनिक और संसद की चिंताएँ बढ़ा दी हैं।
- Railways के कानूनी सलाहकार को सुरक्षा‑संबंधी खर्च का स्पष्ट विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया, जिसमें पूंजी और आवर्ती व्यय शामिल हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
1. नीति प्राथमिकता रेलवे सुरक्षा के लिए नवीनतम Union Budget में दोहराई गई है, लेकिन सटीक मात्रा अभी तक अनिर्दिष्ट है।
2. The Railway Safety Commission नियमित रूप से सुरक्षा उपायों का ऑडिट करता है, फिर भी उसकी रिपोर्टों ने फंडिंग और कार्यान्वयन में अंतर को उजागर किया है।
3. The case was originally filed as a PIL द्वारा एक उपभोक्ता अधिकार समूह ने कई डेराइलमेंट्स के बाद दायर किया था।
UPSC प्रासंगिकता
बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा पर न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच की अंतःक्रिया को समझना GS2 (Polity) और GS3 (Economy) के लिए महत्वपूर्ण है। अभ्यर्थियों को यह नोट करना चाहिए कि Supreme Court कैसे…
