राज्यसभा ने 5 August 2026 को चर्चा के बाद Supreme Court Judges Amendment Bill (2026) को Lok Sabha को वापस भेजा। यह कदम न्यायिक क्षमता, अधिक Constitution Benches की आवश्यकता, और एक समर्पित South India bench की संभावना पर व्यापक बहस के बाद आया है।
मुख्य विकास
- बिल प्रस्तावित करता है कि puisne judges की संख्या 33 से 37 तक बढ़ाई जाए, जिससे कुल शक्ति 38 (CJI सहित) हो जाएगी।
- केंद्रीय कानून मंत्री Arjun Ram Meghwal ने क्षेत्रीय बेंच स्थापित करने के लिए Article 130 को उजागर किया।
- BRS MP Ravichandra Vaddiraju द्वारा South India Bench की मांग उठाई गई।
- विपक्षी MPs ने Constitution Benches की तेज़ स्थापना की मांग की और केस पेंडेंसी को लेकर चिंता व्यक्त की।
- चर्चा में collegium system और जज चयन में उसकी भूमिका पर भी चर्चा हुई।
- समानांतर विधेयक, Bankers' Books Evidence Act, को Lok Sabha में बिना बहस के पारित किया गया।
महत्वपूर्ण तथ्य
- 38 जजों तक वृद्धि 2019 के बाद पहली बार है।
- एक नौ‑जज बेंच वर्तमान में Sabarimala केस की सुनवाई कर रहा है, जो जज उपलब्धता पर दबाव को दर्शाता है।
- समर्थक तर्क देते हैं कि अधिक जज एक साथ सुनवाई को सक्षम करेंगे, जिससे निपटान दर में सुधार होगा।
- विपक्षी MPs ने जोर दिया कि केवल जज जोड़ने से प्रणालीगत सुधारों के बिना तेज़ न्याय की गारंटी नहीं मिल सकती।
- Hyderabad को उसकी कनेक्टिविटी और दक्षिण में केंद्रीय स्थिति के कारण South India Bench के लिए उपयुक्त स्थान माना गया।
UPSC प्रासंगिकता
बहस कई GS शीर्षकों को छूती है