अवलोकन
On April 1, 2026, Malda जिले में एक भीड़ ने सात न्यायिक अधिकारियों को घेर लिया – एक gherao जिसे Supreme Court of India ने “गणनात्मक” प्रयास बताया जिससे निर्णय प्रक्रिया बाधित हो। यह घटना TMC‑नेतृत्व वाली राज्य सरकार और ECI के बीच तनाव को बढ़ा रही है, जो चल रहे Special Intensive Revision (SIR) अभ्यास के संबंध में है।
मुख्य विकास
- ECI ने जांच NIA को सौंप दी है।
- SIR के बाद जारी किया गया संशोधित मतदाता सूची 7.04 करोड़ मतदाताओं को दर्शाता है, जो 2024 में 7.6 करोड़ से घटा है।
- लगभग 60 लाख नाम अभी भी “तार्किक विसंगति” जांच के अंतर्गत हैं; निर्णयित मामलों में से लगभग 40% को अस्वीकार कर दिया गया है।
- अल्पसंख्यक (Muslim) समुदायों ने असमान हटाव का आरोप लगाया है, जिससे राजनीतिक अशांति बढ़ रही है।
- TMC और BJP दोनों ही बयानबाजी को तेज कर रहे हैं, जहाँ TMC “राजनीति का फ्रैंचाइज़ मॉडल” पर निर्भर है, जो संरक्षक नेटवर्क पर केंद्रित है।
महत्वपूर्ण तथ्य
West Bengal की चुनावी हिंसा उसकी ऐतिहासिक राजनीतिक संस्कृति में निहित है। लेफ्ट फ्रंट युग में, प्रतियोगिताएँ “क्षेत्रीय प्रभुत्व” और राज्य के अग्रणी के माध्यम से संरक्षक वितरण के इर्द‑गिर्द घूमती थीं।
